मानव तस्करी से संबंधित हो सकता है मामला?
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली! भारत नेपाल सीमा के सोनौली द्वार पर नेपाल के अलग-अलग जिलों से लाए गए 19 नाबालिग नेपाली बच्चों को बहला फुसलाकर भारत के कर्नाटक ले जाया जा रहा था।
गुरूवार की देर शाम सीमा पर चेकिंग के दौरान बस को संदेह के आधार पर रोका गया और जब उनसे पूछताछ की गई तो सच्चाई खुल कर सामने आ गयी। इन बच्चों को पढ़ाई के नाम पर कर्नाटक के बौद्ध मठों में ले जाया जा रहा था। पूछताछ में यह भी पता चला कि बच्चों को उनके माता-पिता की अनुमति के बिना बहला-फुसलाकर भारत ले जाया जा रहा था।
समाजसेवी संस्था और एसएसबी के लोगों ने इन्हें रोक लिया और नेपाल पुलिस के माध्यम से उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।


इस पूरे बचाव अभियान में एसएसबी और सामाजिक संस्था ने संयुक्त रूप से सक्रिय भूमिका निभाई। यह कार्रवाई मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त अभियान का हिस्सा था, जिसका मकसद महिलाओं और बच्चों की तस्करी को रोकना है।
नेपाल स्थित इलाका प्रहरी कार्यालय बेलहिया के इंस्पेक्टर मनीष न्योपाने का कहना है कि जिला पुलिस कार्यालय इस मामले को देख रही है। बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।

