भारत-नेपाल सीमा के बहराइच जिले के रूपईडीहा का मामला
इन लड़कियों को दिल्ली के रास्ते कुवैत भेजा जाना था
सार
उत्तर प्रदेश के बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल ने नेपाल से कुवैत ले जाई जा रही पांच नेपाली लड़कियों को रोककर पूछताछ के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया। पूछताछ में पता चला कि लड़कियों को दिल्ली के रास्ते कुवैत भेजा जा रहा था, जहां वे घरेलू काम करने वाली थीं।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कुवैत ले जाई जा रही 5 नेपाली लड़कियों को पकड़ा रोका गया है। भारत-नेपाल सीमा की रुपईडीहा चेक पोस्ट पर एसएसबी एंटी ट्रैफिकिंग शाखा ने 5 नेपाली लड़कियों से काफी गहन पूछताछ के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया है। एसएसबी ने बताया कि इन लड़कियों को दिल्ली के रास्ते कुवैत ले जाया जा रहा था।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 42 वीं बटालियन के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने मीडिया को बताया कि एसएसबी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने जब 18 से 20 साल की 5 लड़कियों को एकसाथ निकलते देखा तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने पूछताछ के लिए उन सभी को रोक लिया, जिसमें से एक लड़की ने बताया कि वह कुवैत जा चुकी है और वहां अरबी लोगों के घरेलू कामों में सहयोग करती थी। जिसका उसे अच्छा खासा मेहनताना मिलता था और वहां पर इस तरह के काम के लिए और लोगों की आवश्यकता है। लिहाजा हम इन लड़कियों को साथ ले जा रहे हैं, लेकिन उन लड़कियों ने इस बयान की पुष्टि के लिए उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे, क्योंकि किसी भी देश के नागरिक को विदेश जाना है तो उसके पास पासपोर्ट होना चाहिए, लेकिन लड़कियों में से किसी के पास पासपोर्ट नहीं था।
इसके बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली में पासपोर्ट और वीजा मिलेगा, लेकिन महीने में दो-तीन घटनाएं ट्रैफिकिंग की हो जाती हैं। लिहाजा उनको भी शक के अंदेशे में उनके परिवार को बुलाकर सभी लड़कियों को सौंप दिया गया।

