लद्दाख में भारतीय सेना ने पेश की मानवता की मिसाल

दूरदराज इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की कर रही है मदद

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

जम्मू! सर्दियों के महीनों में बर्फबारी से कट जाने वाले केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दूरदराज इलाकों में भारतीय सेना लोगों की मदद कर मानवता की मिसाल बन रही है।

 

 

सेना की मेडिकल टीमें आशा व उपचार के लक्ष्य के साथ सीमांत, दूरदराज क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की मेडिकल संबंधी दिक्कतों को दूर कर रही है। पिछले कुछ दिनों के दौरान सेना की मेडिकल टीमों ने लेह के दूरदराज खल्तसी के तिया गांव के साथ पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास स्थित कोयूल में मेडिकल कैंप का आयोजन कर क्षेत्र के सैकड़ों निवासियों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ उनमें निशुल्क दवाइयां भी बांटी हैं।

दूरदराज इलाकों में आयोजित हो रहे इन मेडिकल कैंपों में सेना के डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ के सदस्य लोगों के स्वास्थय की जांच करने के साथ उन्हें बता रहे हैं कि उन्हें सर्दियों के महीनों में किस तरह से स्वस्थ रहना है। सेना की मेडिकल टीमों ने लद्दाख के दूरदराज न्योमा क्षेत्र के न्योमा, कारजोक, कियारी गांव के निवासियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह व कारगिल जिलों के दूरदराज इलाकों में सर्दियों के महीनों में सेना स्थानीय निवासियों के लिए बड़ा सहारा होती है। सेना की स्थानीय बटालियनें सर्दियों के मौसम में अपने अपने क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ लोगों की मुश्किलों को दूर करने के लिए मैदान में रहती हैं। ऐसे में सेना की ओर से बर्फबारी प्रभावित इलाकों में अब ऐसे मेडिकल कैंपों का लगातार आयोजन किया जाएगा।



 

लद्दाख के पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल पीएस सिद्धू का कहना है कि लेह व कारगिल के दूरदराज इलाकों में सर्दियों बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में सेना अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाह करते हुए लोगों की मुश्किलों को भांप कर उन्हें दूर करने के लिए निरंतर प्रयास करती है।

कई बार बर्फबारी से दूरदराज के इलाकों में यातायात प्रभावित हो जाती है। ऐसे में सेना सुनिश्चित करती है कि लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सेना के जवान अपने अपने इलाकों में किसी भी प्रकार की मुसीबत आने पर वहां लोगों को राहत देने के लिए तैयार रहते हैं।

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