मनोज कुमार त्रिपाठी
रूपनदेही , टिकुलगढ़ ! तिलोत्तमा चौध क्षेत्र के टिकुलगढ़ में आज कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयोग आरंभ किया गया। इस अवसर पर युवा नेता प्रज्वल बोहरा की उपस्थिति और पहल में चीन से आए कृषि विशेषज्ञों के सहयोग से चीनी किस्म के लहसुन की खेती को लेकर एक अनुसंधानात्मक प्रयोग की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि चीन से आए कृषि उत्पादन एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु में चीनी लहसुन की उत्पादकता को परखने के उद्देश्य से प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए चीन से लगभग एक टन लहसुन का बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसे टिकुलगढ़ क्षेत्र में रोपित कर उसकी उपज और गुणवत्ता का अध्ययन किया जाएगा।

लॉजिस्टिक कारणों से प्रयोग में कुछ विलंब हुआ, लेकिन अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज खेत को पूरी तरह तैयार किया गया, जबकि कल से तकनीकी खेती की पद्धति के तहत आधुनिक मशीनों की सहायता से लहसुन की बुवाई की जाएगी। चीनी विशेषज्ञ अपने साथ विशेष मशीन भी लाए हैं, जिससे लहसुन की रोपाई अधिक सरल और प्रभावी होगी। प्रारंभिक चरण में लगभग 100 किलो लहसुन बीज लगाकर इसे एक शोध एवं प्रयोग के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर युवा नेता प्रज्वल बोहरा ने चीन से आए कृषि विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका अनुभव और तकनीकी ज्ञान इस क्षेत्र के किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पहले से चल रही सिंचाई परियोजनाओं और किसान हितैषी प्रयासों के साथ यह पहल टिकुलगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में कृषि क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि इस सत्र में किया गया लहसुन प्रयोग अपेक्षित परिणाम देगा और भविष्य में किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। इस प्रयोग में सहयोग देने वाले सभी किसानों, विशेषज्ञों और साथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


