यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष बने प्रशांत कुमार की कितनी होगी सैलरी

उनकी पूरी सेवा अवधि के आधार पर डीजीपी वाली पेंशन भी मिलती रहेगी

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

लखनऊ! यूपी के पूर्व डीजीपी रहे प्रशांत कुमार को यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है इस नियुक्ति के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनकी सैलरी और पेंशन को लेकर हो रही है क्योंकि प्रशांत कुमार हाल ही में डीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि उन्हें इस पद पर कितना वेतन मिलेगा और क्या पूर्व डीजीपी के रूप में मिलने वाली पेंशन भी जारी रहेगी।

 

 

सरकारी नियमों के अनुसार आयोग के अध्यक्ष का वेतन और पूर्व सेवा की पेंशन दो अलग अलग चीजें होती हैं अध्यक्ष पद पर मिलने वाली सैलरी का डीजीपी की पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ता है।

प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में विभिन्न अहम पदों पर अपनी प्रशानिक कुशलता का परिचय दिया है, जिसमें प्रदेश के एडीजी (एल ओ) और कार्यकारी डीजीपी के रूप में राज्य की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है उनका प्रशासनिक और शासकीय अनुभव सराहनीय रहा है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर तैनाती के साथ ही प्रशांत कुमार का कार्यकाल तीन साल का होगा। इस दौरान वे आयोग से जुड़ी सभी नियुक्तियों और भर्तियों की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार का मानना है कि उनके अनुभव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में तेजी मिलेगी।

 

 

सैलरी की बात करें तो प्रशांत कुमार को आयोग के अध्यक्ष पद पर हर महीने 1,75,000 रुपये वेतन दिया जाएगा यह वेतन एक निश्चित मानदेय के रूप में तय किया गया है जो राज्य सरकार के अन्य उच्च स्तरीय आयोगों के अध्यक्षों के समान है। यह सैलरी डीजीपी पद पर मिलने वाले वेतन से अलग है और पूरी तरह अध्यक्ष पद से जुड़ी हुई है।

सिर्फ सैलरी ही नहीं बल्कि इस पद के साथ प्रशांत कुमार को कई सरकारी सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्हें सरकारी गाड़ी बंगला सुरक्षा स्टाफ और अन्य भत्ते उपलब्ध कराए जाएंगे ये सभी सुविधाएं अध्यक्ष पद की गरिमा और जिम्मेदारी को देखते हुए दी जाती हैं जिससे वे बिना किसी बाधा के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

सबसे अहम सवाल यह है कि क्या प्रशांत कुमार को पूर्व डीजीपी के रूप में मिलने वाली पेंशन भी जारी रहेगी इसका जवाब साफ तौर पर हां है। प्रशांत कुमार एक आईपीएस अधिकारी के रूप में 30 जून 2025 को डीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसलिए उन्हें उनकी पूरी सेवा अवधि के आधार पर डीजीपी की पेंशन मिलती रहेगी।

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