पिता ने बेटी सुषमा के रूप में की पहचान, आरोपी हृदेश गौड़ की तलाश में जुटी पुलिस
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! महराजगंज जनपद के परसामलिक थाना क्षेत्र के सेखुआनी चौराहे से पश्चिम नौतनवा-ठूठीबारी मुख्य मार्ग पर स्थित बघेला पुल के नीचे नाले से बीते 24 दिसंबर को एक सूटकेस में अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त का प्रयास शुरू किया। सूटकेस में शव मिलने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई।
पुलिस ने आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों के आधार पर परिजनों को बुलाकर पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की। इसी क्रम में सोनौली थाना क्षेत्र के हरदी डाली निवासी जगदीश ने शव की पहचान अपनी बेटी सुषमा के रूप में की।
पुलिस ने आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को पिता जगदीश को सौंप दिया, जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
मृतका के पिता जगदीश ने बताया कि उन्होंने करीब 10 दिन पूर्व नौतनवां कस्बे के खनुआ चौराहे से बेटी सुषमा के लापता होने की सूचना नौतनवां थाने में दर्ज कराई थी।
जगदीश के अनुसार, लगभग 12 वर्ष पूर्व सुषमा का विवाह सिद्धार्थनगर जनपद में हुआ था। पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद के चलते आपसी समझौते के बाद सुषमा अपनी एक बेटी के साथ नौतनवां कस्बे के खनुआ चौराहे के पास रहने लगी थी। इसी दौरान नेपाल के नवल परासी जनपद के नंदन पालकी गांव निवासी हृदेश गौड़, जो नौतनवां के बनैलिया मंदिर चौराहे के पास लिट्टी-चोखा का ठेला लगाता था, सुषमा के संपर्क में आया और उसका घर आना-जाना होने लगा।
आरोप है कि 15 दिसंबर को हृदेश गौड़ सुषमा को अपने साथ कहीं लेकर चला गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद 24 दिसंबर को सेखुआनी स्थित बघेला नाले में मिले सूटकेस से बरामद शव की पहचान सुषमा के रूप में हुई।
पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी हृदेश गौड़ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने मीडिया को बताया कि आरोपी नेपाल के नवल परासी जनपद के पाली नंदन गांव का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।





