गौतम बुद्ध आई केयर सेंटर बना सीमावर्ती क्षेत्र के लिए आशा की नई रोशनी

मनोज कुमार त्रिपाठी 

भैरहवा/सोनौली सीमा क्षेत्र।

सीमावर्ती क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी और सराहनीय पहल के रूप में गौतम बुद्ध आई केयर सेंटर ने अपनी मजबूत पहचान बनानी शुरू कर दी है। अनुभवी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम और सेवा-भावना के साथ यह अस्पताल भारत–नेपाल के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बनता जा रहा है।

 

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वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि उन्होंने फेको सर्जरी, मैटरेक सर्जरी और रेटिना सर्जरी में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इससे पूर्व उन्होंने लुम्बिनी नेत्र विज्ञान संस्था, भैरहवा में लगभग 10 वर्षों तक सेवाएं दीं और इसके बाद दृष्टि आई हॉस्पिटल, बिरता मोड़ में 3 वर्षों तक कार्य किया। हाल ही में उन्होंने गौतम बुद्ध आई केयर सेंटर को जॉइन किया है, जहां मरीजों को आधुनिक तकनीक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

वहीं अस्पताल की प्रमुख नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मोना खरेल ने बताया कि उन्होंने एमबीबीएस कर्माणु यूनिवर्सिटी से तथा एमडी नेत्र विज्ञान नेपाली आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज से किया है। रेटिना विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने जापान की प्रतिष्ठित ओसाका यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ मेडिसिन से उच्च प्रशिक्षण प्राप्त किया है 

 

 

 

डॉ. खरेल के अनुसार, “जापान में जो आधुनिक तकनीक, अनुशासन और सेवा-स्तर मैंने सीखा, वही सुविधा हम यहां के मरीजों को देना चाहते हैं। यहां आंखों से जुड़ी हर समस्या का संपूर्ण इलाज उपलब्ध है। मोतियाबिंद का ऑपरेशन बिना सूई के किया जाता है और मरीज उसी दिन डिस्चार्ज हो सकता है।”

अस्पताल के कम्युनिटी डायरेक्टर सुरेश कुमार श्रेष्ठ ने बताया कि गौतम बुद्ध आई केयर सेंटर भारत–नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर से मात्र पाँच मिनट की पैदल दूरी पर स्थित है, जिससे भारत और नेपाल दोनों देशों के मरीज बिना किसी परेशानी के यहां पहुंच सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे यहां जापान और अमेरिका से प्रशिक्षित, 10–15 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। हमारा उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि सेवा है।”

गरीब और असहाय मरीजों के लिए अस्पताल की मानवीय पहल भी उल्लेखनीय है। सुरेश कुमार श्रेष्ठ ने स्पष्ट किया कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए विशेष और नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की जाती है। “नेपाल और भारत हमारे लिए अलग नहीं, एक परिवार हैं। जिसके पास पैसे नहीं हैं, उसका भी इलाज किया जाता है। हमारा लक्ष्य मुनाफा नहीं, सेवा है।”

गौतम बुद्ध आई केयर सेंटर आज सीमावर्ती क्षेत्र में आंखों की रोशनी लौटाने के साथ-साथ मानवता और सेवा का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है।

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