उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज जिले के निचलौल वन्य क्षेत्र से सटे गांवों में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को ग्राम बढ़या मुस्तकील में तेंदुए के हमले में 16 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है।
बताया जाता है कि गांव निवासी आबिद अली की पुत्री शैरुन अपने निजी कार्य से नहर किनारे बंधे की ओर गई थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल किशोरी को परिजन और ग्रामीण तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोरी की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।
लोगों का कहना है कि वन्य क्षेत्र से सटे इलाकों में तेंदुए की लगातार आवाजाही देखी जा रही है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
हाल ही में सोहगीबरवा क्षेत्र में भी जंगली जानवर के हमले में एक युवती की मौत हो चुकी है, जिससे डर और बढ़ गया है।
डीएफओ निरंजन सर्वे ने मीडिया को बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में तेंदुए के पदचिह्न मिले हैं। आशंका है कि तेंदुआ गन्ने के खेत में छिपा था। वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है और तेंदुए को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं ग्रामीणों ने पिंजरे लगाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।






