राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू! नेपाल में 5 मार्च को आम चुनाव होने जा रहा है। इससे पहले रविवार आधी रात से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष मतदान का माहौल बन सके।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार यह फैसला रविवार को चुनाव आयोग की बैठक में लिया गया।
बता दें कि आयोग ने चुनाव आयोग अधिनियम-2073 की धारा 22 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए आचार संहिता को लागू किया है, ताकि चुनावी प्रक्रिया भयमुक्त, निष्पक्ष, पारदर्शी और सीमित खर्च के साथ संपन्न हो सके।
इससे पहले अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग रविवार को मंत्रिपरिषद के सदस्यों और उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बारे में सूचित करेगा। बता दें कि ये आम चुनाव उस राजनीतिक संकट के बाद कराए जा रहे हैं, जब पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दिया।
उनके इस्तीफे के पीछे भ्रष्टाचार के आरोपों और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ जेन-जी युवाओं के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन प्रमुख कारण रहे। इसके बाद 12 सितंबर को 73 वर्षीय सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। उनकी सिफारिश पर राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा को भंग कर आम चुनाव की घोषणा की थी।
उधर काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन्द्र शाह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लोकप्रिय रूप से बालेन के नाम से पहचाने जाने वाले शाह ने 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव लड़ने के लिए यह फैसला लिया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने उन्हें अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस कदम के बाद नेपाल की सियासत में नई हलचल तेज हो गई है। बता दें कि नेपाल में हुई क्रांति का ये मुख्य चेहरा थे।






