झापा में कला, संस्कृति और परंपरा का संगम, ‘द बुल’ नाटक से मेहमानों का अभिनंदन
द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज ब्यूरो
झापा। क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान नेपाल के केंद्रीय अध्यक्ष एवं नागरिक बचाउ दल नेपाल के पार्टी सभापति माधब कल्पित तथा कलाकार सुजना खतिवडा के सुपुत्र, कनाडा के टोरंटो से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर (मास्टर) डिग्री प्राप्त समिन खतिवडा का शुभ विवाह झापा के सुरुङ्गा निवासी नेपाली कांग्रेस के नगर सभापति दुर्गा प्रसाद प्रसाइ और मथुरा प्रसाइ की सुपुत्री, चार्टर्ड एकाउंटेंट आयुशा प्रसाइ के साथ संपन्न होने जा रहा है।
आयोजक परिवार के अनुसार यह विवाह समारोह वि.सं. 2082 माघ 27 गते, दिवा लग्न में पूर्वी नेपाल के पवित्र धार्मिक स्थल कनकाई नदी स्थित कोटी हवन परिसर में वैदिक एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न होगा। सामाजिक, राजनीतिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्तित्वों की उल्लेखनीय उपस्थिति के कारण यह समारोह झापा के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन में विशेष आकर्षण जोड़ने की उम्मीद है।
विवाह समारोह में नेपाल के विभिन्न जिलों के अतिथियों के साथ-साथ पड़ोसी देश भारत के दार्जिलिंग, असम, गुवाहाटी और दिल्ली से भी कलाकार, साहित्यकार, बुद्धिजीवी और विशिष्ट व्यक्तित्वों की सहभागिता रहने की जानकारी दी गई है।
अतिथियों के सम्मान और स्वागत को विशेष एवं यादगार बनाने के उद्देश्य से क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान नेपाल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिष्ठान के नाट्य विभाग प्रमुख गजेन्द्र पृथक के निर्देशन, कार्यकारी निर्देशक राजकुमार भट्टराई के निर्माण प्रबंधन तथा माधब कल्पित की परिकल्पना-निर्देशन में, नाट्य प्रतिष्ठान से जुड़े कलाकार झापा नाटक घर में चर्चित नाटक ‘द बुल’ का मंचन करेंगे। यह जानकारी नाटक घर की केंद्रीय सदस्य, प्रथम मिस मेची एवं मिस ग्राण्ड झापा 2016 की विजेता समीक्षा खतिवडा ने दी।
साहित्य, कला और नाट्य विधा के साथ-साथ सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्रों में सक्रिय दूल्हा समिन खतिवडा स्वयं भी क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान नेपाल के केंद्रीय सदस्य हैं। उन्होंने विवाह उपरांत माता–पिता के साथ सिंगापुर, दुबई और थाईलैंड की यात्रा को पारिवारिक, सांस्कृतिक एवं आत्मीय हनिमून के रूप में मनाने की जानकारी भी साझा की है।
शिक्षा, राजनीति, कला और सामाजिक सेवा में सक्रिय दो प्रतिष्ठित परिवारों के बीच होने वाला यह वैवाहिक संबंध आपसी सद्भाव, सांस्कृतिक सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है। आयोजक परिवार के अनुसार विवाह समारोह को भव्य, सभ्य और स्मरणीय बनाने की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।