उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानूनों और प्रशासनिक फैसलों के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में कांग्रेस 17 फरवरी को विधानसभा का घेराव करेगी।
अजय राय ने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों के हितों के खिलाफ जा रही हैं। उनके मुताबिक, भूमि और कृषि से जुड़े नए प्रावधान किसानों के अधिकारों को कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर किसानों को मुआवजे, समर्थन मूल्य और अन्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनांदोलन का रूप देगी और हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
उन्होंने बताया कि किसान कांग्रेस की ओर से प्रदेश भर में ‘किसान अधिकार गांव संवाद’ अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकार की नीतियों के प्रभाव के बारे में जानकारी देंगे।
उनका कहना है कि यह अभियान केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों को कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास करेगा।
प्रेसवार्ता में अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बयान देने से पहले सरकार को किसानों और युवाओं की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
शंकराचार्य पद को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान होना चाहिए और इस विषय को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। वाराणसी के विकास कार्यों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
उनका आरोप था कि शहर के पारंपरिक स्वरूप और घाटों की पहचान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सांस्कृतिक धरोहर को मिटाना नहीं होना चाहिए।
अजय राय ने स्पष्ट किया कि 17 फरवरी का विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से होगा। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखेंगे और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे इस आंदोलन में भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद करें।