निर्दलीय गोपाल भंडारी ने आरपीपी उम्मीदवार गौरव बोहरा को दिया समर्थन
मनोज कुमार त्रिपाठी
रूपन्देही निर्वाचन क्षेत्र संख्या–3 की राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले गोपाल भंडारी ने राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के उम्मीदवार गौरव बोहरा के पक्ष में अपना समर्थन देने की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस निर्णय ने क्षेत्रीय राजनीति में नई दिशा दे दी है।
भंडारी ने बताया कि वे आगामी फाल्गुन 21 को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव में स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में सक्रिय थे, लेकिन व्यापक विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने और आरपीपी उम्मीदवार गौरव बोहरा को विजयी बनाने के लिए पूर्ण सहयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जिन धार्मिक और सामाजिक संगठनों से वे जुड़े हैं, उनके वरिष्ठ सदस्यों, परिवारजनों, शुभचिंतकों और मित्रों ने भी समान नीति, विचार और दृष्टिकोण को समर्थन दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आरपीपी ने इस क्षेत्र में एक शिक्षित, अनुभवी और प्रतिष्ठित वरिष्ठ पायलट जैसे व्यक्तित्व को उम्मीदवार बनाकर जनता के सामने एक मजबूत विकल्प रखा है। इसी कारण उन्होंने बोहरा का समर्थन करने का निश्चय किया है।
भंडारी ने मतदाताओं से अपील की कि वे उन उम्मीदवारों का समर्थन करें जो वैदिक सनातन हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना, राजशाही की बहाली, संघीय व्यवस्था की समाप्ति तथा 2046 बीएस के बाद के भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए हैं और उनका समर्थन पूर्णतः स्वतंत्र निर्णय है।
आरपीपी उम्मीदवार गौरव बोहरा ने भंडारी के समर्थन को क्षेत्र की जनता की साझा सोच और स्थानीय मुद्दों की समानता का परिणाम बताया। उन्होंने इस समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण राजनीतिक एकता का संकेत है।
आरपीपी की केंद्रीय सदस्य एवं प्रतिनिधि सभा की आनुपातिक उम्मीदवार स्वाति थापा ने पार्टी की नीतियों को सार्वजनिक जन-एजेंडा बताते हुए कार्यकर्ताओं से पूरी शक्ति के साथ चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया।
रूपन्देही जिला सचिव बलराम शर्मा ने दावा किया कि आरपीपी के प्रति जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। वहीं विश्व हिंदू महासंघ रूपन्देही के जिला अध्यक्ष गोविंद राज पांडे ने पार्टी की विचारधारा को राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा बताते हुए इसे जनहित का आंदोलन बताया।
रूपन्देही–3 में इस समर्थन ने चुनावी समीकरणों को नया आयाम दे दिया है। अब देखना यह होगा कि यह राजनीतिक एकजुटता मतदान के परिणामों में किस प्रकार परिलक्षित होती है।