‘चेसको गोटी’ के साथ मैदान में उतरे स्वतन्त्र प्रत्याशी, सुशासन को बनाया पहला और अंतिम एजेंडा
मनोज कुमार त्रिपाठी
रुपन्देही–३ से स्वतन्त्र उम्मीदवार जेबी गुप्ता (जीत बहादुर गुप्ता) ने चुनावी मैदान में उतरते हुए स्पष्ट किया है कि वे पारंपरिक विकास के वादों की राजनीति नहीं करेंगे। उनका चुनाव चिन्ह ‘चेसको गोटी’ है, जिसे वे रणनीति, सोच और निर्णायक बदलाव का प्रतीक मानते हैं। गुप्ता का कहना है कि पिछले 35 वर्षों में राजनीतिक दलों ने विकास के नाम पर जनता से वादे किए, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था में मूलभूत सुधार नहीं हो पाया। इसलिए वे “वादा नहीं, व्यवस्था सुधार” के एजेंडे के साथ जनता के बीच आए हैं।
अर्थशास्त्र के प्राध्यापक और आर्थिक कूटनीति के शोधकर्ता गुप्ता ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवा–प्रदाय प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उनका आरोप है कि आज आम नागरिक को सरकारी काम के लिए “पहुंच और पैसा” दोनों की आवश्यकता पड़ती है, जो सुशासन के सिद्धांतों के विपरीत है। वे प्रशासनिक सेवाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था लागू करने की बात कर रहे हैं।
गुप्ता ने “Economic Diplomacy Commission” की स्थापना का प्रस्ताव रखते हुए सहायता आधारित मॉडल के स्थान पर साझेदारी आधारित विकास की नीति अपनाने की बात कही है। उनका मानना है कि रोजगार सृजन, व्यापार घाटा कम करना, प्राकृतिक संसाधनों का रणनीतिक उपयोग और हरित अर्थतंत्र में नेतृत्व जैसे कदमों से क्षेत्र और देश दोनों को आर्थिक मजबूती मिल सकती है।
डिजिटल डेमोक्रेसी के अंतर्गत उन्होंने “नागरिक एप” की अवधारणा प्रस्तुत की है, जिसके माध्यम से चुनाव प्रचार, उम्मीदवार जानकारी, अस्पताल बुकिंग, कृषि सामग्री आरक्षण और प्रशासनिक निवेदन जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हों। उनका दावा है कि इससे बिचौलिया संस्कृति समाप्त होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
मानव पहचान के संदर्भ में उन्होंने “Modern Digital Human Identity System (MDHIS)” का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत नाम के साथ थर–उपथर की अनिवार्यता समाप्त कर डिजिटल पहचान को बढ़ावा दिया जाएगा। उनके अनुसार यह सामाजिक विभेद को कम करने की दिशा में एक ठोस कदम होगा।
पूर्व में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़े रहे गुप्ता ने पार्टी की आंतरिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अलग राह चुनने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि राजनीति सेवा का माध्यम होनी चाहिए, आर्थिक लाभ का नहीं।
सोशल मीडिया पर बालेन शाह को संभावित प्रधानमंत्री के रूप में प्रचारित किए जाने पर गुप्ता ने गठबंधन राजनीति की वास्तविकताओं की ओर इशारा किया। उनका कहना है कि केवल लोकप्रियता के आधार पर प्रधानमंत्री बनना संभव नहीं है, क्योंकि नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था गठबंधन समीकरणों पर आधारित है।
राजतंत्र बनाम गणतंत्र के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व पर प्रभावी नियंत्रण की कमी दिखाई देती है। उनके अनुसार यदि कोई संवैधानिक अभिभावक–सदृश व्यवस्था हो तो जवाबदेही मजबूत हो सकती है, लेकिन किसी भी बदलाव का आधार जनमत और संवैधानिक प्रक्रिया ही होना चाहिए।
रुपन्देही–३ में जेबी गुप्ता की उम्मीदवारी पारंपरिक चुनावी नारों से अलग प्रशासनिक सुधार और डिजिटल पारदर्शिता पर केंद्रित है। अब यह क्षेत्र की जनता पर निर्भर करेगा कि वे इस प्रयोग को अवसर देती है या नहीं।