सीएम योगी आदित्यनाथ की पर्यटन नीति पर दिए गए वक्तव्य की नेपाल की चहुंओर प्रशंसा,समूचे नेपाल वासी गदगद 

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सिद्धार्थ होटल संघ “शान” नेपाल ने जताई सहयोग की उम्मीद 

उत्तर प्रदेश के यशस्वी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समूचे नेपालियों का दिल जीता- सीपी श्रेष्ठ अध्यक्ष सिद्धार्थ होटल संघ (शान) नेपाल 

मनोज कुमार त्रिपाठी 

भैरहवा नेपाल! सिद्धार्थ होटल संघ (शान) नेपाल के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश श्रेष्ठ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दिए गए पर्यटन नीति की सराहना करते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तो बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक नेपाल आ सकते हैं।

श्री श्रेष्ठ ने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर नेपाल के पर्यटन स्थलों को लेकर सकारात्मक विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने कहा था कि भारत और नेपाल के टूरिज्म सेक्टर का सहयोगी बन सकता है और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है। नेपाल में पशुपतिनाथ धाम, मुक्तिनाथ धाम, जनकपुर धाम, गोरखा का स्वर्गद्वारी धाम, भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी,सूपा देउराली और बर्दिया का ठाकुर मंदिर जैसे सैकड़ों महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं, जहां हिंदू आस्था रखने वाले लगभग 100 करोड़ भारतीय श्रद्धालु भ्रमण के इच्छुक रहते हैं।

 

श्री श्रेष्ठ शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे आग्रह करेंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ पर्यटन को लेकर वार्ता की जाए और इसको बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक कदम उठाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच पर्यटन सहयोग को लेकर समझौता होता है, तो दोनों देशों में आर्थिक और सांस्कृतिक विकास की अपार संभावनाएं बन सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नेपाल में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा सकता है और इसे यूरोप की तरह विकसित किया जा सकता है। अगर नेपाल सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाए और उत्तर प्रदेश सरकार से मिलकर योजना बनाए, तो यह पहल नेपाल की अर्थव्यवस्था को और भी मजबूत कर सकती है।

श्री श्रेष्ठ ने कहा कि यदि हम 100 करोड़ हिंदू पर्यटकों को नेपाल के धार्मिक स्थलों से जोड़ सकें, तो इससे पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और नेपाल के विकास को भी गति मिलेगी। 

उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और नेपाल के संयुक्त प्रयासों से दोनों देशों के पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।

 

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