मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू नेपाल! नेपाल की सबसे बड़ी संसदीय पार्टी नेपाली कांग्रेस ने संविधान संशोधन के लिए प्रारंभिक रूप से एजेंडा तय करने के उद्देश्य से सातों प्रदेशों में “संविधान संशोधन” आज की आवश्यकता और चुनौतियां” विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के पेशागत तथा बुद्धिजीवी विभाग ने नेपाल डेमोक्रेटिक लॉयर्स एसोसिएशन के सहयोग से किया।
संवाद के दौरान हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना, समानुपातिक सांसद प्रणाली, जातीय आयोग की पुनर्रचना और संघीयता को समाप्त करने जैसे विभिन्न सुझाव सामने आए। विभाग प्रमुख एवं कांग्रेस की केंद्रीय सदस्य डा. डिला संग्रौला (पंत) ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउवा को इस संवाद कार्यक्रम का प्रतिवेदन सौंपा, जिसकी प्रति (रातोपाटी) नमक मीडिया को भी प्राप्त हुई है।
संविधान संशोधन के लिए मुख्य प्रस्ताव
इस संवाद में भाग लेने वाले संविधान विशेषज्ञों और विभिन्न प्रतिनिधियों ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता और प्रमुख विषयों पर अपने विचार साझा किए। सातों प्रदेशों में संविधान विशेषज्ञों ने कार्य पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल थे जिसमें नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित करना,समानुपातिक सांसद प्रणाली को मजबूत बनाना,जातीय आयोगों की पुनर्रचना पर विचार,संघीयता को समाप्त कर पुनः एकात्मक शासन प्रणाली लागू करना,संविधान की कुछ धारणाओं को अधिक स्पष्ट बनाना शामिल है।
नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इन संवादों के आधार पर पार्टी आगामी दिनों में संविधान संशोधन को लेकर अपनी औपचारिक नीति तय करेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद अब पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउवा और अन्य वरिष्ठ नेता इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि संविधान संशोधन की प्रक्रिया संवैधानिक संस्थाओं और जनता की व्यापक सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। ऐसे में नेपाली कांग्रेस इस विषय पर अन्य दलों से भी बातचीत कर सकती है।