मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ सरकार द्वारा रची जा रही है जानबूझकर साजिश – भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी पूर्व सांसद
सार
पूर्वांचल के कद्दावर नेताओं में सुमार उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे स्वर्गीय पंडित हरिशंकर तिवारी के जटाशंकर स्थित आवास पर ईडी ने सोमवार को सुबह-सुबह छापा मारा। ईडी की गाड़ी देखते ही चारो तरफ हड़कंप मच गया। इस बारे में उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के बड़े पुत्र भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी का कहना है कि यह सरकार जानबूझकर हमें प्रताड़ित करने की साजिश कर रही है, हम इसकी घोर निंदा करते हैं।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
गोरखपुर! उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सोमवार को सुबह-सुबह प्रवर्तन निदेशालय का छापा पड़ने की खबर से हड़कंप मच गया। प्रवर्तन दल की टीम द्वारा सुबह 6 बजे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के आवास पर छापा मारा और 6 घंटे की कार्रवाई के दौरान पूरा घर खंगाल डाला। छापेमारी को लेकर विनय तिवारी के बड़े भाई कुशल तिवारी का कहना है कि यह वर्तमान सरकार द्वारा जानबूझकर हमें और हमारे परिवार को प्रताड़ित करने की साजिश रच रही है। इसके अलावा और कुछ नहीं। विनय को लखनऊ आवास से गिरफ्तार भी किया गया है।
पूर्वांचल के कद्दावर नेताओं में सुमार उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे दिवंगत पंडित हरिशंकर तिवारी के जटाशंकर चौराहे पर स्थित आवास पर सोमवार को सुबह 6 बजे ईडी की टीम पहुंची और छापामारी की कार्रवाई शुरू कर दी। यह देख वहां हड़कंप मच गया। पूरे 6 घंटे चली कार्रवाई में टीम ने कई दस्तावेज जुटाए हैं। इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद और सपा नेता भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई वर्तमान सरकार द्वारा हमारे और हमारे परिवार के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश है। पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इस तरह की कार्रवाई सरकार द्वारा हमे डराने का एक मात्र जरिया बन गया है जिसमें शुद्ध रूप से साजिश की बू आ रही है है।
अभी नवरात्र बीता ही है हम लोग व्रत थे। पारण भी नहीं हो पाया था कि विभाग की टीम आ पहुंची। सुबह 6 बजे से दिन के 12 बज हो चुके थे। पूरे 6 घंटे का समय बीत चुका था। हम लोगों ने उस दरम्यान अन्न जल भी ग्रहण नहीं किया था। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान मेरे घर से एक भी कागज का टुकड़ा भी नहीं मिला। जबकि बैंक के लोग भी मौजूद थे। इससे पहले भी इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।
अभी तक कोई सबूत नहीं मिल पाया, बावजूद हमें नाहक परेशान किया जा रहा है। यह कहीं ना कहीं जानबूझकर प्रताड़ित किए जाने की करवाई है। जिसे वर्तमान सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभी नोटिस मिला था। उसका सम्मान करते हुए अपनी बाउंड्री तोड़कर अंदर कर रहे थे। काम चल ही रहा था कि कार्रवाई शुरू हो गई। सारे मजदूर और मिस्त्री वापस लौट चुके हैं। हम लोग सरकारी विभाग के लोगों का सम्मान करने वाले लोग हैं।
बता दे की वर्ष 2012 से 2020 के दौरान गंगोत्री इंटरप्राइजेज और उसकी सहयोगी फर्मों को बैंकों द्वारा सीसी लिमिट के तहत करोड़ों रुपए लोन पर दिए गए थे। आरोप है कि इसकी एवज में उक्त फर्मो द्वारा कई प्रॉपर्टीज खरीदी गई थीं। लेकिन बैंक का 754 करोड़ रुपया वापस नहीं लौटाया गया। इसको लेकर बैंक ऑफ इंडिया सहित कई अन्य बैंकों ने गंगोत्री फर्म के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी।
तब से कुल 3 बार विनय शंकर तिवारी के गोरखपुर, नोएडा और लखनऊ स्थित आवास और ऑफिसों पर ईडी का छापा पड़ चुका है। पूर्व में ईडी द्वारा लगभग 103 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त भी की गई थी। इस मामले में विनय शंकर तिवारी, पत्नी रीता तिवारी सहित उनके कई सहयोगियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज है।