मनोज कुमार त्रिपाठी
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी), रूपंदेही द्वारा प्रमुख जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधान मंत्री केपी शर्मा ओली को एक ज्ञापन सौंपा है।
मंगलवार को आरपीपी जिला अध्यक्ष सागर प्रताप राणा के नेतृत्व में प्रमुख जिलाधिकारी बासुदेव घिमिरे के माध्यम से प्रधानमंत्री ओली को सात सूत्रीय मांगों वाला एक ज्ञापन-पत्र सौंपा गया।
आरपीपी रूपंदेही सचिव बलराम शर्मा ने बताया कि ज्ञापन सौंप कर पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में मानवाधिकार आयोग एवं नागरिक समाज को शामिल करते हुए स्वतंत्र आयोग का गठन करने, जांच के लिए गृहमंत्री के इस्तीफे, चैत्र 15 को दमन का नेतृत्व करने वाले पुलिस एवं प्रशासनिक नेतृत्व को निलंबित करने, मृतक सबीन महर्जन एवं सुरेश रजक को शहीद घोषित करने एवं मुआवजा देने, झूठे मुकदमों को खारिज कर निर्दोष लोगों को रिहा करने, घायलों को मुफ्त एवं प्रभावी उपचार का प्रावधान करने तथा पार्टी द्वारा प्रस्तुत 40 सूत्री मांगों पर नई सहमति के लिए वार्ता दल के गठन की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है, “आरपीपी 15 चैत को तिनकुने कोटेश्वर क्षेत्र में आयोजित विरोध प्रदर्शन को हिंसा में बदलने के लिए राज्य द्वारा की गई कार्रवाई पर गहरा खेद व्यक्त करती है।
इसी प्रकार, ज्ञापन में सवाल उठाया गया है कि आरपीपी नेता रवींद्र मिश्रा, धवल शमशेर राणा और अन्य पर रैली और विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के आधार पर राज्य के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप क्यों लगाए गए।

ज्ञापन सौंपने के बाद आरपीपी ने जिला प्रशासन कार्यालय के सामने धरना दिया। धरना के बाद आयोजित सभा को आरपीपी के सहायक महासचिव ताहिर अली, लुंबिनी प्रांत के अध्यक्ष प्रदीप कुमार उदय, रूपंदेही जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता आदि ने संबोधित किया।
नेताओं ने दावा किया कि नेपाली जनता देश में व्यवस्था परिवर्तन का पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार और मंहगाई चरम सीमा पार कर चुका है।