नेपाली प्रशासन ने भारतीय मालवाहक ट्रकों पर पर लगाया 10 हजार रुपए जुर्माना 

ओवरलोड के नाम पर नेपाल में भारतीय ट्रक चालकों का हो रहा है उत्पीड़न

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

सोनौली महराजगंज !ओवरलोड के नाम पर भारतीय मालवाहकों के चालकों का नेपाल में खूब उत्पीड़न किया जा रहा है। नेपाल के रुपंदेही जिले में मालवाहक ट्रकों को रोककर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना ठोका जा रहा है। इसको लेकर नेपाल उद्योग वाणिज्य संघ और भंसार एजेंट संघ ने प्रमुख जिलाधिकारी रूपंदेही से मिलकर इसकी शिकायत की है। ट्रक चालकों का कहना है कि वह भारत के मानक अनुसार माल लोड किए हैं, जबकि नेपाल यातायात पुलिस उक्त वजन पर दस हजार का जुर्माना लगा रही है। जबकि पहले 930 रुपये जुर्माना लगाया जाता था। इस संबंध में भंसार संघ ने भैरहवा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगपतियों एवं व्यवसायियों से प्राप्त शिकायतों की ओर गंभीरता से ध्यान आकृष्ट कराया है।

उद्योग वाणिज्य संघ भैरहवा के महासचिव एवं भंसार एजेंट संघ के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद घिमिरे ने बताया कि भारत से आयातित औद्योगिक कच्चे माल एवं खाद्यान्न सहित अन्य सामान ले जाने वाले भारतीय वाहनों को पिछले कुछ दिनों से ओवरलोडिंग के नाम पर भैरहवा कस्टम नाके पर रोका जा रहा है। इस सीमा ने अतीत में कठिन परिस्थितियों के दौरान भी निर्बाध आपूर्ति व्यवस्था को सुगम बनाकर स्वयं को देश की प्रमुख व्यापार सीमा के रूप में स्थापित किया है।

उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल को अधिक माल लोड करने के कारण सीमा शुल्क चौकियों पर रोक देने तथा श्रमिकों और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण माल को वापस लौटा देने की वर्तमान नीति उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए बहुत अव्यावहारिक प्रतीत होती है।उन्होंने कहा कि भारतीय वाहनों को खींचा जा रहा है, उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसमें सुधार की जरूरत है।

इस मौके पर भैरहवा भंसार महासंघ के अध्यक्ष प्राचीन थैव, डॉ. शांत कुमार शर्मा, अध्यक्ष मधु प्रसाद पंथी, महासचिव विष्णु प्रसाद भुषाल, कोषाध्यक्ष प्रकाश पौड़ेल, युवराज ज्ञवाली, जीवन भंडारी, सुमन पंथ, संजय शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।

भारतीय ट्रक चालकों ने बताया कि नेपाल यातायात पुलिस भारतीय ट्रक चालकों का उत्पीड़न कर रही है। नेपाल परिवहन से संबंधित मौजूदा कानूनों के अनुसार, 6-पहिया ट्रक 11 टन, 10-पहिया ट्रक 17 टन, 12-पहिया ट्रक 21 टन, 14-पहिया ट्रक 25 टन और 18-पहिया ट्रक 27, 22 पहिया 33 टन से अधिक वजन नहीं ले जा सकते हैं। जबकि भारत मे 16, 21, 28, 34 और 42 टन अंडर लोड माना जाता है। इसके कारण जो गड़िया भारत मे अंडर लोड चलती हैं, वह नेपाल पहुंचकर ओवर लोड हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय ट्रकों को रोकना गलत है। अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई तो हम लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

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