नेपाल बना पसंदीदा पर्यटन स्थल, रोटी-बेटी के रिश्ते को दे रहे मजबूती
मनोज कुमार त्रिपाठी
पाल्पा (नेपाल)! नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों की एक और तस्वीर उस समय सामने आई जब उत्तर प्रदेश से आए भारतीय पर्यटकों का एक दल पाल्पा के श्रीनगर होटल में ठहरा। इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ की टीम से विशेष बातचीत में पर्यटकों ने बताया कि नेपाल उनके लिए सिर्फ एक पड़ोसी देश नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव का नाम है।

“नेपाल आना हमारी हॉबी बन गई है”
गोरखपुर निवासी कविता ओझा ने बताया, “यहां का रिस्पॉन्स शानदार है। होटल का स्टाफ, रूम्स और सफाई व्यवस्था लाजवाब है। हम कई बार यहां आ चुके हैं और हर बार का अनुभव बेहतरीन रहा है। नेपाल आना अब हमारे परिवार के लिए एक हॉबी बन गई है।

“बिना किसी परेशानी के पार किया बॉर्डर”
उनके पति आनंद ओझा ने बताया कि उन्होंने सुनौली बॉर्डर से नेपाल प्रवेश किया और कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा, “बॉर्डर पर सबकुछ सहज रहा, और हम परिवार सहित दो दिन की ट्रिप पर आए हैं। सड़क मार्ग पर निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन यात्रा आरामदायक रही।
“प्राकृतिक सौंदर्य ने खींचा ध्यान”
एक अन्य पर्यटक ने बताया कि यह उनका पाल्पा का दूसरा दौरा है। उन्होंने कहा, “यहां का मौसम, हरियाली और पहाड़ों का नजारा मन मोह लेता है। मैं चाहता था कि अपने परिजनों को भी नेपाल का सौंदर्य दिखाऊं। नेपाल में प्रकृति का आनंद अनोखा है।

“नेपाली पुलिस से नहीं हुई कोई परेशानी”
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय पर्यटकों को नेपाली पुलिस से परेशानी होती है, तो उन्होंने साफ कहा, “हमने कभी किसी तरह की समस्या महसूस नहीं की। कई बार नेपाल आए, बॉर्डर पार किया, लेकिन अनुभव हमेशा सकारात्मक रहा।
“योगी आदित्यनाथ और नेपाल से भावनात्मक जुड़ाव”
योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर क्षेत्र से आए पर्यटकों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी जी पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है, और इससे हमारा भावनात्मक जुड़ाव है। पशुपतिनाथ और मनोकामना जैसे धार्मिक स्थल हमें नेपाल से जोड़ते हैं।

“नेपाल का राजनीतिक भविष्य नेपाली जनता तय करे”
जब उनसे नेपाल में बढ़ती ‘राजतंत्र’ और ‘हिंदू राष्ट्र’ की मांग के विषय में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा, “यह नेपाल का आंतरिक मामला है। किसी दूसरे देश को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। नेपाल की जनता जो भी निर्णय ले, वह उनका अधिकार है।




