पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल ने कहा-उपनिबंधक के खिलाफ कार्रवाई न होना, सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! नौतनवां तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता नागेन्द्र शुक्ला द्वारा उपनिबंधक कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अब पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल का भी साथ मिल गया है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने नौतनवां के उपनिबंधक पर लगे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों पर अब तक कोई कार्रवाई न होने को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार के तमाम दावों के बावजूद ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण मिलना चिंताजनक है।
पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने आंदोलनकारी अधिवक्ता नागेंद्र प्रसाद शुक्ला के समर्थन में पत्र भेजते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके चल रहे सत्याग्रह का पूर्ण समर्थन करती है। शुक्ला बीते 32 दिनों से अनशन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उपनिबंधक के खिलाफ न तो कोई ठोस जांच हुई और न ही स्थानांतरण या निलंबन जैसी कोई कार्रवाई की गई है।
पूर्व मंत्री टिबड़ेवाल ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा, तो फिर नौतनवां के उपनिबंधक को अब तक क्यों बचाया जा रहा है? उन्होंने इसे भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति की असलियत बताते हुए “खोखला नारा” करार दिया।
बताया जा रहा है कि उपनिबंधक पर खरीदारों और विक्रेताओं से अवैध वसूली के आरोप हैं, जिनकी स्थानीय स्तर पर पुष्टि भी हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता आम जनमानस के बीच असंतोष और संदेह को जन्म दे रही है।
बता दें कि कुछ दिन पहले महाराजगंज के सहायक महानिरीक्षक निबंधन आलोक शुक्ला ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी, लेकिन वह भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और लीपापोती का शिकार होती नजर आई।
उधर अनशनकारी नागेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपनिबंधक का स्थानांतरण नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जिलाधिकारी महाराजगंज की चुप्पी और निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली और सरकार की नीयत पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

