मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति (PGSS) के तत्वावधान में आज दिनांक 23 जून को प्रातः 11 बजे से “सीमा पार मानव तस्करी की रोकथाम हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)” पर एक कार्यशाला एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल (SSB), उत्तर प्रदेश पुलिस, भारत और नेपाल की विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाएं (NGOs), इमीग्रेशन विभाग, यूनिसेफ, किशोर न्याय बोर्ड (JJB), न्यायिक और कानूनी विशेषज्ञों सहित अनेक हितधारकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर 22 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, महराजगंज की ओर से सहायक कमांडेंट श्री सी. विवेक ने प्रतिनिधित्व किया और अपने संबोधन में मानव तस्करी से निपटने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया
1. पीड़ित-केंद्रित एवं अधिकार आधारित दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता।
2. बाल श्रमिकों के रूप में लगे बच्चों की तस्करी पर विशेष ध्यान देते हुए, एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ावा देना।
3. सभी संबंधित विभागों की समयबद्ध प्रतिक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
4. हाल ही के एक मामले का उल्लेख किया जिसमें नेपाल से भारत होते हुए खाड़ी देशों ले जाई जा रही महिलाओं को फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया।
5. खुफिया नेटवर्क को मजबूत कर असली मानव तस्करों की पहचान कर नेटवर्क को ध्वस्त करना।


6. संयुक्त रूप से मानव तस्करी रोधी (विशेषकर बाल तस्करी) अभियान चलाने की आवश्यकता।
कार्यशाला में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई, जैसे
मानव तस्करी के विभिन्न आयाम- बंधुआ मजदूरी, यौन तस्करी, जबरन विवाह, अंग व्यापार आदि।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों, जिला प्रशासन, न्यायपालिका, श्रम विभाग, एनजीओ आदि की भूमिका।
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी और प्रचार-प्रसार
रोकथाम के उपाय
सामुदायिक जागरूकता, विद्यालयों में विशेषकर किशोर समूहों के लिए कार्यक्रम, पोस्टर अभियान, कम्युनिटी विजिलेंस कमिटी, हॉटलाइन, मोबाइल ऐप्स आदि।
अंतर्राज्यीय एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स (AHTUs) के साथ समन्वय और नियमित प्रशिक्षण।
बचाव के बाद की प्रक्रिया — एफआईआर दर्ज करना, चिकित्सकीय परीक्षण, उम्र सत्यापन, पीड़ित को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत करना, स्टैंडर्ड रेस्क्यू चेकलिस्ट पर विचार।
कार्यशाला का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ और इसे मानव तस्करी से निपटने के लिए अत्यंत उपयोगी व ज्ञानवर्धक बताया गया।
इस अवसर पर एफ कंपनी सोनौली, 22 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कांस्टेबल नितीश कुमार भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
यह आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

