मनोज कुमार त्रिपाठी
बैठक में एडीजी ने कहा कि ग्राम सुरक्षा समिति देश की सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। आज एडीजी डॉ केएस प्रताप कुमार ने भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बार्डर का दौरा करने के बाद सोनौली थाने पर आयोजित ग्राम सुरक्षा समिति की बैठक में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय का हो। उनके ऊपर सबसे पहले देश की जिम्मेदारी होती है।

भारत और नेपाल के साथ खुली सीमा है, जहां से कोई भी आ जा सकता है। नेपाल के साथ हमारे देश के मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध है। इसलिए बार्डर पर दोनों देशों के नागरिकों को किसी भी प्रकार की रोक-टोक नहीं है। समस्या तब होती जब संदिग्ध व्यक्ति सीमा में प्रवेश करता है। इसलिए ग्राम सुरक्षा समितियों का दायित्व है कि हर गतिविधि पर नजर रखें और हर सूचना को प्रशासन एवं पुलिस तक तत्काल पहुंचायें।

डीआईजी आनन्द कुलकर्णी ने कहा कि देश की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बार्डर पर सदैव तत्पर और सतर्क रहती है। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति आप के क्षेत्र में या गांव के आसपास दिखे तो पुलिस को तुरंत सूचना दें।

पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने कहा कि सीमा पर मानव तस्करी और ड्रग्स की तस्करी एक बड़ी चुनौती है इस समस्या से निजात पाने के लिए पुलिस हर समय तत्पर रहती है। बीते एक साल में इस तरह के कारोबार में लिप्त कई लोगों को पकड़ा भी गया है बावजूद इसके आप सभी से मेरा आग्रह है कि अगर इस तरह के कार्यों में लिप्त लोगों की जानकारी मिले तो आप नजदीक पुलिस चौकी और थानों पर तत्काल सूचना दें उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सीमा क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति अपरिचित दिखाई दे तो उसके बारे में भी पुलिस को सूचित करें।
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सैनिक दीपक बाबा, सोनौली उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय रौनियार समेत कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।