उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां महाराजगंज! समाजवादी पार्टी के लोगों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू विरोधी शक्तियों से मिलकर हिंदू समाज के लोगों को एक दूसरे से लड़ाने की गहरी साजिश रची है। इटावा की घटना इसकी एक कड़ी है । एक साजिश के तहत ही वहां घटना कराई गई है जिससे हिंदू समाज के बीच जातिवादी विद्वेष पैदा हो जाए और एक दूसरे से लोग लड़ाई झगड़े पर उतर आए जिससे मौजूदा सरकार के सामने संकट खड़ी हो जाए। यही कारण है की इटावा की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के लोग जातिवादी हवा देने में लगे हुए हैं।
उक्त बातें हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडे ने बृहस्पतिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहीं उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देता है और यदि कोई कानून हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही भी होती है इटावा की घटना में जो भी लोग दोषी थे दोनों पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है उसके बाद भी सोशल मीडिया पर अनावश्यक जातिवादी टिप्पणी की जा रही है। उनकी टिप्पणी देश और समाज हित में नहीं है इसलिए हिंदू समाज के लोगों से मेरा आग्रह है कि जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में सोचे जिससे देश और प्रदेश में शांति और व्यवस्था कायम रह सके।
श्री पांडे ने ब्राह्मण और यादव दोनों बिरादरी के लोगों से अनावश्यक टिप्पणी न करने की अपील किया है साथ ही प्रबुद्ध वर्ग व हिंदू संगठन के लोगों से जातिवादी मानसिकता के विरोध में जगह-जगह जातिवाद विरोधी रैलियां आयोजित करने तथा जातिवाद से ऊपर उठकर हिंदुओं को संगठित रहने की भी अपील किया है।

