आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए जिम्मेदार है पाकिस्तान – पूर्व रक्षामंत्री मिनेंद्र रिजाल
आपरेशन सिंदूर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ साहसी और आवश्यक कदम – पूर्व मंत्री शिशिर खनाल
पहलगाम हमला हाल के वर्षों का सबसे घातक हमला- डॉ दिनेश भट्टराई पूर्व प्रधानमंत्री के सलाहकार
पाकिस्तान दक्षिण एशिया में आतंकवाद का केंद्र – डॉ प्रमोद जायसवाल निदेशक एनआईआईसीई
मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू! नेपाली राष्ट्रपति के सलाहकार सुनील बहादुर थापा ने पाकिस्तान आधारित आतंकवाद को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन (लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद) भारत में कई हमलों के लिए जिम्मेदार हैं। ये नेपाल को भारत पर हमले के लिए आवाजाही मार्ग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। थापा ने यह बात काठमांडू में नेपाल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड एंगेजमेंट की ओर से बीते 9 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में कही। इस उच्च-स्तरीय सेमिनार का विषय “दक्षिण एशिया में आतंकवाद” क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए चुनौतियां’ रखा गया था।
कार्यक्रम में रणनीतिक विशेषज्ञों, राजनयिकों और शिक्षाविदों ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाला आतंकवाद दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा है।
नेपाल के पूर्व रक्षा मंत्री मिनेंद्र रिजाल ने बताया कि भारत में होने वाले आतंकवादी हमलों का नेपाल की आंतरिक सुरक्षा पर भी प्रभाव पड़ता है। सेमिनार में पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जिसने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन को कमजोर किया है। इसने क्षेत्रीय एकजुटता को भी बाधित किया है।

पाकिस्तान के खिलाफ जमकर बोला हमला
एनआईआईसीई के निदेशक डॉ. प्रमोद जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह के साथ-साथ फंडिग भी करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में आतंकवाद का केंद्र रहा है। वहीं, नेपाल के पूर्व मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा की, इसे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ साहसी और आवश्यक कदम बताया। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. दिनेश भट्टाराई ने कहा कि पहलगाम हमला हाल के वर्षों में सबसे घातक हमला था, जिसमें एलईटी की ओर से 26 नागरिक मारे गए। इनमें एक नेपाली नागरिक सुदीप न्यौपाने भी शामिल थे। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 ठिकानों पर आतंकी ढांचे को नष्ट किया गया।


