दलालों के चंगुल में फंसे अस्पतालों की जांच के लिए डीएम ने सीएमओ को लिखा पत्र 

जिला अस्पताल परिसर में आये मरीजों को बरगलाने का है आरोप

मनोज कुमार त्रिपाठी 

महराजगंज! जिला अस्पताल को बदनाम कर प्रसूति महिलाओं समेत जिला अस्पताल के मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पतालों में पहुंचाने के आरोप की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच करने का निर्देश दिया है।

 

डीएम के पत्र के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है, जिलाधिकारी ने पत्र में यह भी निर्देश दिया है कि अंकित गोल्ड अस्पताल एवं जनता अस्पताल के अलावा भी जिन अस्पतालों में दलालों कि भूमिका संदिग्ध मिलती है उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए।

गौरतलब हो कि इसके पूर्व भी जिला अस्पताल परिसर में आरोग्य हॉस्पिटल और नोवा अस्पताल के दलालों के बीच मारपीट के बाद डीएम ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था लेकिन इस बार आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों से जुड़े लोगों की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

विगत दिनों आरोग्य हॉस्पिटल और नोवा अस्पताल के दलालों के बीच मारपीट के बाद मामला थाने पहुंचा था डीएम ने मामले की जांच भी की थी ऐसा नही है कि वह सिर्फ एक मामला था, उसके पूर्व भी आरोग्य हॉस्पिटल के दलालों और जनता के बीच मारपीट हुआ था उस मामले में एससी /एसटी एक्ट के तहत कार्यवाही भी हुई थी।

आरोग्य हॉस्पिटल, गोल्ड हॉस्पिटल, जनता हॉस्पिटल, नोवा हॉस्पिटल, सावित्री हॉस्पिटल समेत आधा दर्जन हॉस्पिटल पर हमेशा से आरोप लगते रहे हैं कि इनके अस्पताल के दलाल जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के परिसर में घूमकर मरीजों को बरगलाकर निजी हॉस्पिटल में पहुंचाते है।

इन अस्पतालों से जुड़े तमाम दलालों के नाम समय-समय पर उजागर होते रहे हैं एवं कार्यवाही भी हुई है लेकिन बावजूद इसके सरकारी अस्पताल में दलाली रुकने का नाम नही ले रही है।

 

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