मनोज कुमार त्रिपाठी
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लिंङ्देन ने रूपंदेही क्षेत्र नं-3 में आगामी कार्तिक 17 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को “मिनी जनमत संग्रह” की संज्ञा दी है।

अध्यक्ष लिंङ्देन ने कहा कि यह उपचुनाव इस बात से जुड़ा है कि देश में सुशासन कायम होगा या भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा, इसलिए इसे मिनी जनमत संग्रह के रूप में लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एमाले (CNP–UML) के कार्यकर्ताओं को अपने ही पार्टी और उम्मीदवार को हराकर देश में सुधार का संदेश देना चाहिए।
मंगलवार को राप्रपा रूपंदेही द्वारा भैरहवा में आयोजित क्षेत्र नंबर 3 स्तरीय कार्यकर्ता बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष लिंङ्देन ने कहा कि उपचुनाव की सीट किसी पार्टी ने जीती या नहीं, इससे मूल रूप से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन यह 2084 (2027 ई.) के आम चुनाव के लिए रास्ता तय करेगा।

अध्यक्ष लिंङ्देन ने कहा कि इस चुनाव में इस बात की भी परीक्षा होगा कि जनता के पक्ष में क्या काम हुए और विपक्ष ने क्या भूमिका निभाई। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार में जुटने का आह्वान किया। उनका कहना था कि पिछले तीन दशकों से सत्ता में रही दो पार्टियां मिलकर भी देश के लिए कुछ नहीं कर पाईं, बल्कि भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा दिया।
उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव यह भी परखेगा कि जनता की चेतना का स्तर कितना बढ़ा है — क्या उन्होंने फिर वही पुराने काम न करने वालों को चुनना है या देश को बदलने का वादा करने वाली पार्टी को। उनका कहना था कि जो लोग पहले की गलतियों के कारण जेल जाने से बचने के लिए सत्ता नहीं छोड़ते, उन्हें अब लगता है कि गलती न की जाए, लेकिन उनकी आदत नहीं बदली।

अध्यक्ष लिंङ्देन ने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे नेता ठेके, तबादले, पदोन्नति, नियुक्ति, फैसलों, हर चीज में कमीशन लेकर और लोगों को बेचकर पैसा खा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस–एमाले की मौजूदा संयुक्त सरकार के गिरने की अफवाह समय-समय पर आती रहती है, लेकिन जब कमीशन और हिस्सेदारी पर सहमति बन जाती है तो मामला सिर्फ अफवाह बनकर रह जाता है।
अध्यक्ष लिंङ्देन ने कहा कि देश का सार्वजनिक ऋण हर साल बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 8 साल पहले यह 6 खरब था, जो अब 28 खरब से अधिक हो गया है।
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पार्टी लोकतंत्र चाहती है या राजतंत्र? धर्मनिरपेक्षता, संघीयता और व्यवस्था के प्रति इसकी क्या धारणा है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पष्ट नीति रखने वाली पार्टी से जनता को न्याय नहीं मिल सकता।

पार्टी के उपाध्यक्ष ध्रुव बहादुर प्रधान ने कहा कि पार्टी सुशासन और समृद्धि की नीति अपनाए हुए है, इसलिए जनता को यह समझाना जरूरी है और रूपंदेही–3 में जीत हासिल करने के लिए चुनाव में पूरी तरह जुटना चाहिए। उन्होंने कहा कि रूपंदेही–3 पहले भी राप्रपा ने जीता था, इसलिए उपचुनाव में भी जीत जरूरी है। इसके लिए पार्टी को एकजुट होना होगा और लोकप्रिय व योग्य उम्मीदवार का चयन करना होगा।


कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय सहमहामंत्री ताहिर अली, केंद्रीय सदस्य मातृका प्रसाद यादव, जिला अध्यक्ष सागर प्रताप राणा, सिद्धार्थनगर नगरपालिका वार्ड नंबर 4 के अध्यक्ष मुक्तिनाथ यादव (भोला) समेत अन्य नेताओं ने कहा कि रूपंदेही क्षेत्र में स्वर्गीय दीपक बोहरा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, इसलिए उपचुनाव में भी पार्टी जीत दर्ज करेगी।








