शादी के बाद प्रताड़ना, ₹ 25 लाख कैश दहेज और लग्जरी गाड़ी की मांग का लगाई आरोप
लड़ाई अब अंतर्राष्ट्रीय मंच तक,भारत से नेपाल तक गूंजा मामला, प्रेस क्लब में छलका पीड़िता का दर्द
ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप
कृति जायसवाल की गुहार “मुझे न्याय चाहिए”
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर/भैरहवा!
गोरखपुर की जायसवाल समाज की एक महिला श्री मती कृति जायसवाल ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। श्री मती कृति जायसवाल ने कहा कि उसकी शादी बड़े धूमधाम से भैरहवा निवासी आकाश जायसवाल, सुपुत्र राजकुमार जायसवाल व श्रीमती आरती जायसवाल के साथ भैरहवा के सनस्टार होटल में हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद से ही उसे दहेज और पैसे के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा।

कृति का आरोप है कि शादी के बाद मात्र 35 दिन ससुराल में रहने के बाद उसे मायके भेज दिया गया और दोबारा बुलाने कोई नहीं गया। जब वह खुद वापस आई तो ससुराल पक्ष ने साफ कह दिया कि हम तुम्हें नहीं रखेंगे।
महिला ने बताया कि पति और ससुराल पक्ष लगातार उस पर गाड़ी और जेवर लाने का दबाव डालते थे। छोटी ननद और अन्य परिजनों ने भी गहनों की मांग की और पूरा न होने पर उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। कृति का कहना है कि पति कई बार उसे जान से मारने और पुल से फेंक देने की धमकी भी देता था।

₹25 लाख की ठगी और फर्जी नाम का आरोप
पीड़िता ने खुलासा किया कि ससुराल पक्ष ने उसे नेपाल बुलाकर ₹ 25 लाख नकद ले लिया। इसके अलावा उसके पति ने नेपाल के कार्ड पर उसका नाम “राजकुमारी जायसवाल” छपवा दिया, जबकि मेरा असली नाम कृति जायसवाल है। महिला का आरोप है कि यह सब पहले से रचा गया षड्यंत्र था और लड़के का किसी अन्य महिला से संबंध होने का भी शक है।
पंचायत और समझौते नाकाम
कई बार समाज और नगर पालिका स्तर पर पंचायत व समझौते की कोशिश की गई, लेकिन हर बार लड़का और उसका परिवार पीछे हट गया। पीड़िता का कहना है कि उसने थक-हारकर नेपाल प्रहरी कार्यालय, नगरपालिका और जायसवाल समाज से गुहार लगाई, लेकिन कहीं भी उसे न्याय नहीं मिला। मजबूर होकर उसने गोरखपुर में एफआईआर दर्ज कराई।

प्रेस वार्ता में छलका दर्द
गुरुवार को भैरहवा स्थित लुम्बिनी प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर कृति ने अपनी आप बीती सुनाई। इस दौरान लुम्बिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल राय माझी और नौतनवां जायसवाल समाज के अध्यक्ष उमाशंकर जायसवाल ने पीड़िता को पूरा न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि “अगर नेपाल और भारत की पुलिस न्याय नहीं देती, तो हम भारतीय दूतावास और नेपाल दूतावास तक जाएंगे।”

पति का इनकार- पत्नी का दर्द
जहां पति आकाश जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि “मैं इसको किसी भी कीमत पर नहीं रखूंगा, 2 से 5 लाख रुपये देकर इससे छुटकारा पाना चाहता हूं।” वहीं पत्नी कृति ने भावुक होकर कहा कि “अगर पति मुझे रखेगा तो मैं किसी भी हाल में उसके साथ रहने को तैयार हूं, चाहे मुझे कितनी भी कठिनाई क्यों न झेलनी पड़े।”










