महाव नाले का तटबंध टूटा, सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न मरम्मत में लापरवाही से फिर डूबे खेत, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

जायजा लेने मौके पर पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार, उनकी देखरेख में तटबंध का मरम्मत जारी

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

महराजगंज! महराजगंज जिले में हो रही लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। नेपाल व आसपास के इलाकों में दो दिनों से जारी वर्षा से महाव नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। शुक्रवार सुबह दबाव बढ़ते ही नाले का पूर्वी तटबंध देवघट्टी गांव के सामने करीब 10 मीटर टूट गया। देखते ही देखते पानी खेतों में घुस आया और लगभग सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह डूब गई। स्थानीय किसानों रामनाथ साहनी, जयहिंद वर्मा, पारस यादव, राम समुझ,राम मिलन,अवधेश और कई अन्य ने बताया कि महाव नाले की सफाई और तटबंध की मरम्मत हर साल केवल कागजों पर होती है। यही वजह है कि बरसात आते ही तटबंध दबाव झेल नहीं पाता और टूट जाता है। इस बार भी सिल्ट सफाई और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात जस के तस हैं।

 

 

किसानों का कहना है कि महंगाई के दौर में बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई की गई थी। फसल कुछ ठीक-ठाक दिखने लगी थी, तभी जलभराव ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। देवघट्टी, हरखपुरा, हरपुर, अमहवा,नरायनपुर समेत कई गांवों में किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं। अगर पानी ज्यादा दिन तक भरा रहा तो पूरी धान की फसल चौपट हो जाएगी।

 

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल तटबंध की मरम्मत कराई जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही सफाई और मरम्मत कार्यों की जांच हो ताकि हर साल किसानों को इस तरह की तबाही न झेलनी पड़े।

 

तटबंध टूटने की सूचना पर मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी व नायब तहसीलदार नौतनवां तटबंध की मरम्मत कराने में जुटे हुए है।

 

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