म्यांमार में फंसे 37 भारतीय नागरिकों की हुई घर वापसी

धोखाधड़ी के शिकार हुए थे यह सभी नागरिक

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

नई दिल्ली! म्यांमार में फंसे ऐसे 37 भारतीय नागरिकों को बचाकर स्वदेश वापस लाया गया है, जिन्हें आकर्षक नौकरियों का लालच देकर साइबर अपराध करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्हें भारतीय विदेश मंत्रालय और म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके म्यांमार में चल रहे धोखाधड़ी केंद्रों से रिहा कराया और इसके बाद थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। इस क्षेत्र से जुलाई 2022 से अब तक ऐसी धोखाधड़ी के शिकार 1295 भारतीयों की घर वापसी हुई है, जो कि इस संबंध में विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशनों की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।

 

थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा 26 अगस्त 2025 को थाईलैंड के माई सोत के रास्ते 37 भारतीय नागरिकों को भारत वापस लाने में मदद की। इन भारतीय नागरिकों को थाईलैंड-म्यांमार सीमा के पास म्यांमार में चल रहे धोखाधड़ी केंद्रों से रिहा कराया गया। यह प्रत्यावर्तन, थाईलैंड के पड़ोसी देशों में धोखाधड़ी केंद्रों में काम करने के लिए फर्जी नौकरी के प्रस्तावों के जाल में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के भारत सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

इसके साथ ही दूतावास ने भारतीय नागरिकों को आगाह करते हुए कहा कि वे रोजगार के लिए थाईलैंड जाने से पहले अपनी नौकरी के प्रस्तावों की पुष्टि कर लें। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि थाईलैंड में काम करने के लिए वीजा और वर्क परमिट की आवश्यकता होती है और थाईलैंड में वीजा-मुक्त प्रवेश रोजगार के उद्देश्यों के लिए नहीं है वहीं दूसरी ओर म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा म्यांमार के अधिकारियों और स्थानीय समूहों के सहयोग से म्यावाड्डी में साइबर घोटाला केंद्रों से 37 भारतीय नागरिकों को बैंकॉक के रास्ते सफलतापूर्वक स्वदेश वापस लाया गया। जुलाई 2022 से अब तक ऐसे 1295 व्यक्ति भारत लौट आए हैं। ऐसे नौकरी-घोटालों के विरुद्ध हमारी सलाह को दृढ़ता से दोहराया जाता है।

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