मनोज कुमार त्रिपाठी
भैरहवा नेपाल! लुंबिनी प्रांत के मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने कहा है कि कला और संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री आचार्य ने माघे संक्रांति एवं माघी महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए मूल कला संस्कृति को संरक्षित करना सभी का साझा कर्तव्य बताया और कहा कि कला संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर समाज का आर्थिक सशक्तिकरण किया जा सकता है।
हमारा समाज बहु-जातीय, बहुभाषी, बहु-धार्मिक, बहु-सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से विविध है। अत: जातीय विविधता और उससे जुड़ी संस्कृतियां हमारी मूलभूत विशेषताएं हैं।
शुभकामना संदेश में कहा गया है, ”लुंबिनी राज्य की सरकार ने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, संवर्धन और संवर्धन के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक विकास की कल्पना की है। हमने इसे प्राथमिकता इसलिए बनाई है क्योंकि मूल कला संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण किया जा सकता है।
लुंबिनी राज्य सरकार भी माघी त्योहार को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक छुट्टियां दे रही है। लुंबिनी क्षेत्र के तराई, पहाड़ी और हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले नेपाली लोगों में माघे संक्रांति/माघ महोत्सव मनाने की अपनी प्रथा है। इस त्यौहार की अलग-अलग विशेषताएँ और महत्व हैं। थारू समुदाय माघ को एक महत्वपूर्ण त्योहार और नए साल के रूप में मनाता है, जबकि मगर, मधेशी और अन्य समुदाय इस त्योहार को विशेष महत्व के साथ मनाते हैं।