उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां महराजगंज! नौतनवां स्थित बचपन स्कूल में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाया गया। स्कूल के बच्चों ने पूरे मनोयोग और श्रद्धा के साथ भगवान गणेश का स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा आरती गा कर बप्पा के स्वागत से हुई, जिसके बाद समस्त विद्यालय परिवार ने मिलकर भगवान गणेश से विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर बच्चों को भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों और उनके नामों से परिचित कराया गया। बच्चों को बताया गया कि गणेश जी को गणपति, विनायक, उमा पुत्र, लम्बोदर, एकदन्त, सिद्धिविनायक, विघ्नहर्ता, गजानन आदि नामों से भी जाना जाता है। हर नाम के पीछे छिपी रोचक और ज्ञानवर्धक कहानियां न केवल सुनाई गईं बल्कि चित्रों और नाट्य रूपांतरण के माध्यम से भी दिखाई गईं। बच्चों ने इन्हें बड़े ध्यान से सुना, समझा और उनसे प्रेरणा ली।
इस सांस्कृतिक आयोजन में शामिल बच्चों में आयु, किरनप्रीत, सिया, आशुतोष, रुद्रांश, सामर्थ, तेजस्विनी, शरन्या, कृतिका, ऋषिका, तारीख, अनाया, प्रबल, ईशानवी, ऐशनी, हर्ष, आदित्य, आयुष आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी बच्चे गणेश जी के रूप में सजे-धजे अत्यंत मनमोहक लग रहे थे।
कार्यक्रम में शिक्षिकाओं रिंकल, अंजली, अंशिका, श्रद्धा, प्रीती, मनिता, ईशा, प्रियंका, मोनिका, वैष्णवी और कृतिका ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।
स्कूल की डायरेक्टर अंजली ने सभी को पर्व की बधाई दी और अपने संबोधन में कहा, “गणेश जी से हमें कई महत्वपूर्ण जीवन मूल्य सीखने को मिलते हैं- जैसे अहंकार से बचना, माता-पिता का आदर करना, अधिक सुनना और सोच-समझकर बोलना, तथा हर परिस्थिति में बुद्धि का प्रयोग करना।”

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में न केवल संस्कृति और सभ्यता के प्रति जुड़ाव बढ़ता है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास में भी सहायता मिलती है। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति की गहराइयों से जोड़ना और उनके भीतर नैतिक मूल्यों का संचार करना था, जो पूरी तरह सफल रहा।




