काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह को नेपाल की सत्ता सौंपना चाहते हैं युवा
मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! नेपाल में Gen Z आंदोलन ने वहां की सियासी जमीन हिला दी है। वहां के सत्ताधीश देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हर तरह अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल बना हुआ है। इस बीच काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह आंदोलन के चेहरा बने हुए हैं। सूत्रों का कहना है बालेंद्र शाह ही नेपाल के इस बड़े आंदोलन को हाईजैक कर रखा है?


बता दें कि बालेंद्र शाह ने अपने कैरियर की शुरुआत एक सिविल इंजीनियर के तौर पर की। फिर उन्होंने रैपर के रूप में अपनी किस्मत आजमाई। इसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया और काठमांडू के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा और जीत भी गए। राजनीति में उनका अप्रत्याशित उछाल, युवाओं के बीच लोकप्रियता और पारंपरिक राजनीतिक दलों से नेपाली युवाओं का बढ़ते मोहभंग ने बालेंद्र शाह को नायक बना दिया। बालेंद्र शाह ने इस पूरे आंदोलन को अपना समर्थन दे रखा है। ऐसे में उसे अपने हीरो के तौर पर युवाओं ने पेश किया। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर बालेन्द्र शाह ने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के हालिया फैसले के खिलाफ सोमवार को जेन-जेड के नेतृत्व वाली रैली के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया था।

फेसबुक पोस्ट में शाह ने कहा कि हालांकि आयोजकों द्वारा निर्धारित आयु सीमा के कारण वे इसमें भाग नहीं ले सकते हैं जिन्होंने जेन-जेड की आयु 28 वर्ष से कम निर्धारित की फिर भी वे उनकी आवाज सुनना महत्वपूर्ण समझते हैं।
2023 में एक रामायण की कहानी से प्रेरित ‘आदिपुरुष’ नाम की एक फिल्म आई थी। उस वक्त काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह ने इस फिल्म के कुछ डायलॉग पर आपत्ति जताई थी और उसे फिल्म से हटाने की मांग की थी। ऐसा नहीं करने के एवज में उन्होंने चेतावनी दी थी कि नेपाल और काठमांडू में कोई भी भारतीय फिल्म नहीं चलने देंगे।

नेपाल से हिंसक विरोध प्रर्दशन के बीच आज एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नेपाल पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, विदेश मंत्री आरजू देउबा राणा और वित्त मंत्री विष्णु पौड़ेल को प्रदर्शनकारी पीटते हुए नजर आ रहे हैं।