उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू! नेपाल में सोमवार (08 सितंबर, 2025) से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन को लेकर Gen-Z का उग्र प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार की दोपहर नेपाल के पूर्व उप-प्रधानमंत्री व पूर्व गृहमंत्री रवि लामिछाने को नक्खू जेल से बाहर निकाल लिया है।
बता दें कि रवि लामिछाने नेपाल के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर के महीने में उन्हें संगठित अपराध और सहकारी फंड की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं अगस्त, 2025 में रवि को भैरहवा जेल से काठमांडू जेल में स्थानांतरित किया गया था।
रवि लामिछाने पहले एक लोकप्रिय टीवी होस्ट थे, जिनका शो “सीधी बात जनता के साथ” बहुत प्रसिद्ध हुआ। यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार और अन्य सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित था और जनता में उन्हें ‘वॉयस ऑफ द वॉइसलेस’ के रूप में लोकप्रिय बनाता था।
साल 2022 में रवि लामिछाने ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) की स्थापना की। नवगठित पार्टी इसी साल आम चुनावों में 20 सीटें जीतकर संसद में चौथी सबसे बड़ी पार्टी बन गई। वहीं दिसंबर 2022 में उन्हें उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।
सोमवार को नेपाल में शुरू हुए जन विद्रोह के बाद केपी शर्मा ओली ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके सचिवालय ने खबर पर मुहर लगाई है। पीएम ओली ने हिंसक प्रदर्शन के बीच पद छोड़ा है।
सोमवार से Gen-Z प्रदर्शनकारी और विपक्षी नेता उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। ओली 1 साल और 2 महीने ही पद पर रह सके। वे 15 जुलाई 2024 को तीसरी बार पीएम बने थे।
यह घोषणा तब हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, नेताओं के आवासों सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालयों में तोड़फोड़ की और अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। सोमवार को Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी आज पूरी तरह से उग्र हो गए थे।