सीमा सुरक्षा और पर्यटकों की स्थिति पर मंडलायुक्त ने आज सोनौली सीमा पर एसएसबी कैंप में की उच्चस्तरीय बैठक

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

सोनौली महराजगंज! सोनौली बार्डर पर बुधवार की देर शाम एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। गोरखपुर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी गोरखपुर शिवशिंपी चन्नपा करीब सात बजे सोनौली पहुंचे। यहां एसएसबी डीआईजी मुन्ना सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में सीमा सुरक्षा और नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सोनौली मुख्य गेट स्थित एसएसबी कैंप पर हुई बैठक में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा, कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर सुधीर त्यागी, एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल रहे। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से सीमा की मौजूदा स्थिति, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों पर बिंदुवार जानकारी ली।

बैठक में सबसे अहम विषय सीमा सुरक्षा रहा। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से जानकारी लेते हुए कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था किसी भी स्थिति में ढीली नहीं पड़नी चाहिए। विशेषकर नेपाल से आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच की जाए।

उन्होंने एसएसबी और पुलिस को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। साथ ही कस्टम विभाग को अवैध तस्करी रोकने के लिए और सतर्क रहने की हिदायत दी।

नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी और एसएसबी अधिकारियों से पर्यटकों की संख्या, उनकी सुरक्षा और वापसी की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवश्यकता पड़ने पर नेपाल प्रशासन से भी तालमेल बढ़ाकर कार्यवाही की जाए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा पर किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को चौकसी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और आपसी तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से यह भी कहा कि सीमा पर आने-जाने वाले यात्रियों को अनावश्यक परेशान न किया जाए, बल्कि सहज और सुरक्षित माहौल में व्यवस्था बनाई जाए।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और अन्य अधिकारियों ने बैठक के बाद सोनौली मुख्य गेट और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाया और सीमा पर की जा रही जांच प्रक्रिया का जायजा लिया।

मंडलायुक्त की इस बैठक से सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय समीक्षा से न केवल सीमा सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी ठोस पहल होगी।

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