भगवान राम के अस्तित्व को नकारना प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पड़ा मंहगा, इस्तीफा देने को हुए मजबूर

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

महराजगंज! नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भगवान राम से उतना ही नफरत करता थे जितना कांग्रेस और सोनिया गांधी करती थी। सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने भी बकायदा हलफनामा देकर सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व को नकारा था। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी भगवान राम के अस्तित्व को नकारा बल्कि उन्होंने भगवान राम का जन्म स्थान अयोध्या मानने से ही मना कर दिया।

इतना ही नहीं रामायण को भी मानने से इनकार कर दिया और विरोध होने पर कहा कि भगवान राम नेपाल में पैदा हुए थे भगवान राम नेपाली थे।

उन्होंने गौतम बुद्ध जो बोधगया में ज्ञान प्राप्त किए हैं उस पर भी सवाल उठाते हुए कहा गौतम बुद्ध को नेपाल में ही ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

उन्होंने और उनकी पार्टी ने नेपाल का डेमोग्राफिक बदलने के लिए बहुत काम किया। भारत के तराई वाले इलाकों से मुसलमानों और बांग्लादेशी रोहिंणिया को बुला-बुलाकर नेपाल में बसाया।

जब तक वे प्रधानमंत्री रहे तब तक नेपाल में हिंदुओं के हर त्यौहार पर दंगे हुए। हिंदू द्वारा मनाया जाने वाले तीज और त्योहार के जुलूस पर पत्थर बाजी होती रही और जब हिंदुओं ने सोशल मीडिया पर इसका विरोध करना शुरू किया तब इसने सोशल मीडिया पर पाबंदी लगा दी।

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