उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! नेपाल में हाल ही में जेन-जी आंदोलन के दौरान भारतीय पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता और मारपीट की घटनाओं को लेकर रविवार को भारतीय पत्रकारों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। महराजगंज प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष अमित त्रिपाठी के नेतृत्व में दो दर्जनों से ज्यादा पत्रकारों ने सोनौली सीमा पर नेपाल के लुंबिनी प्रेस क्लब, रूपंदेही के अध्यक्ष कमल राय माझी को नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नाम संबोधित एक ज्ञापन पत्र सौंपा।

ज्ञापन में नेपाल सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस मौके पर नेपाल इमीग्रेशन कार्यालय पर भारत और नेपाल के पत्रकारों की संयुक्त बैठक भी हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोनों देशों के पत्रकार आपसी तालमेल और सहयोग से कवरेज करेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रेस क्लब महराजगंज के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ है। वह किसी भी देश का हो, उसका काम सिर्फ सच दिखाना है। नेपाल में भारतीय पत्रकारों के साथ हुआ दुर्व्यवहार बेहद निंदनीय है वहीं, लुंबिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल राय माझी ने कहा कि भारत-नेपाल के संबंध सदियों पुराने हैं। इस तरह की घटनाएं रिश्तों को आघात पहुंचाती हैं। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत बताई।

इस दौरान भारत की ओर से वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, अमितेश त्रिपाठी, आशीष सोनी, बृजेश गुप्ता, अनुज शुक्ला, सुदेश त्रिपाठी, सुनील पांडे, अशोक वर्मा,राजा अग्रहरी, संजय जायसवाल, मौजूद रहे। वहीं नेपाल की ओर से दीपेंद्र बड़ुवाल, नरेश केसी, माधव ढुंगाना, रविंद्र गुप्ता, प्रतीक पौड़ेल, राधेश्याम विश्वकर्मा और मनोज क्षेत्री सहित बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल रहे।
