नेपाल दूतावास के द्वितीय सेक्रेटरी सुमेश चंद्र द्विवेदी ने एसपी को भेजा है प्रशंसा-पत्र
सार
बिहार के सारण जिले के एसपी कुमार आशीष के लिए नेपाल सरकार ने प्रशस्ति पत्र भेजा है। दरअसल बीते साल भर में ही अकेले छपरा में 100 लड़कियां मुक्त कराई गईं। इसे लेकर महिला संगठनों ने भी सारण के एसपी को सम्मानित किया था और अब नेपाल सरकार ने भी एसपी के कार्य को लेकर प्रशंसा-पत्र भेजा है।
मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू बिहार छपरा! हाल ही में सारण जिले के जलालपुर से पुलिस ने एनजीओ के मदद से 12 लड़कियों का रेस्क्यू किया था, जिसमें 2 नेपाली लड़कियों को भी बचाया गया था। लड़कियों को नेपाली दूतावास के माध्यम से उनके घर पहुंचाया गया जिसके बाद यह मामला सरकार की नजर में आया। नेपाल सरकार ने इस कार्य के लिए सारण के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष को प्रशस्ति पत्र भेजा है। दरअसल, एसपी कुमार आशीष ने छपरा जिले में आर्केस्ट्रा संचालकों का एक ऐसा गिरोह का पता किया जो आपस में जुड़े हुए थे। पश्चिम बंगाल और नेपाल के साथ झारखंड से लड़कियां लाकर आर्केस्ट्रा में काम करवाया जा रहा था। इसके बाद एसपी ने एनजीओ मिशन मुक्ति अभियान के साथ मिलकर बड़ी संख्या में लड़कियों को मुक्त कराया।
बता दें कि साल भर में ही अकेले छपरा में 100 लड़कियां मुक्त कराई गईं। इसे लेकर महिला संगठनों ने भी सारण के एसपी को सम्मानित किया था और अब नेपाल सरकार ने भी एसपी के कार्य को लेकर प्रशंसा पत्र भेजा है। नेपाल दूतावास के सेकंड सेक्रेटरी सुमेश चन्द्र द्विवेदी ने प्रसंशा-पत्र भेजा है। एसपी लड़कियों के मदद के लिए चला रहे विशेष अभियान आवाज दो को लेकर भी चर्चा में रहे हैं।
एसपी ने मीडिया को बताया कि यह मुहिम सारण पुलिस एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण के द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से चलाया जा रहा है। मई 2024 में सारण जिला मे पुलिस अधीक्षक का पदभार संभालने के बाद विवाह के लिए अपहरण के 99 घटनाओं ने मेरा ध्यानाकर्षण किया जिसके बाद इस प्रकार की घटनाओं के प्रति संवेदनशीलता काम करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ बेहतर अनुसंधान कर अपहृत बालिकाओं एवं युवतियों को बरामद करने का टास्क क्राईम मीटिंग में पुलिस पदाधिकारियों को दिया गया। लगातार इसकी मॉनिटरिंग की गई, परिणामस्वरूप इस प्रकार की घटनाओं मे प्रत्येक माह गिरावट दर्ज की गई। अब अपहृताओं की बरामदगी प्रतिशत में काफी वृद्धि हुई। नेपाल सरकार की सराहना से निश्चित ही कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को लिए प्रेरणा का काम किया है।