मनोज कुमार त्रिपाठी
भैरहवा, नेपाल! नेपाल की पवित्र भूमि जहां एक ओर श्रद्धा और पर्यटन का संगम है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को लैंडस्लाइड, खराब सड़कों और पुलिस की कथित अवैध वसूली जैसी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

कर्नाटक से मुक्तिनाथ और लुंबिनी दर्शन के लिए पहुंचीं पर्यटक काव्यश्री ने बताया कि यात्रा रोमांचक तो रही, पर सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय है। उन्होंने कहा — “इस बार रास्तों में जगह-जगह लैंडस्लाइड हुए हैं। सड़कें इतनी तंग हैं कि एक गाड़ी निकलने पर दूसरी फंस जाती है। अगर सरकार इन मार्गों को सुधार दे, तो नेपाल का पर्यटन चार गुना बढ़ सकता है।”
वहीं भारत से आए अनुभवी ड्राइवर मुन्ना ने गंभीर आरोप लगाया कि नेपाल में प्रवेश करते ही पुलिसकर्मी जगह-जगह सौ-सौ रुपये वसूलते हैं। उन्होंने कहा — “हम सारे दस्तावेज और परमिट लेकर चलते हैं, फिर भी पुलिस एंट्री के नाम पर पैसा मांगती है। लगेज चेक करने के बहाने रोका जाता है। यह स्थिति बेहद निराशाजनक है।”
उन्होंने आगे कहा कि नेपाल के लोग, होटल और आतिथ्य व्यवस्था सराहनीय है, लेकिन सीमा और रास्तों की स्थिति यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।
ड्राइवरों और पर्यटकों का मानना है कि यदि पुलिस की वसूली पर रोक लगे और सड़कों को दुरुस्त किया जाए, तो नेपाल न केवल एक आध्यात्मिक गंतव्य रहेगा, बल्कि दक्षिण एशिया का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
नेपाल सरकार से यह अपील की गई है कि वह अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई करे और सड़क सुधार पर तुरंत ध्यान दे, ताकि “शांति और सौंदर्य की भूमि” नेपाल आने वाले हर यात्री के लिए वास्तव में सुखद अनुभव बन सके।













