नौतनवां के बचपन स्कूल में बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक बच्चों ने मनाया दीपावली पर्व

इस तरह के आयोजनों से बच्चों में न केवल हमारी संस्कृति और सभ्यता, बल्कि नैतिक मूल्यों का होता है विकास- डायरेक्टर अंजली

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

नौतनवां महराजगंज! बचपन स्कूल, नौतनवां में दीपावली पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक वातावरण में मनाया गया। इस आयोजन में समस्त विद्यालय परिवार सहित सभी बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

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दीपावली के इस पावन अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों को त्योहार का महत्व समझाया गया और उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित व प्रकाशमयी दिवाली मनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, माँ लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की आराधना व पूजन से हुई। बच्चों ने अपने नन्हे हाथों से अपनी कक्षाओं की सफाई की और अपनी चीजों को सहेज कर रखने की कला सीखी। इसके साथ ही उन्होंने अपने शिक्षकों की सहायता से दीपावली से जुड़े क्राफ्ट वर्क बनाए, जिससे उनमें रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित हुई।

 

 

बच्चों को दीपावली का पौराणिक महत्व एक कहानी के माध्यम से बताया गया, जिससे वे अपने सांस्कृतिक मूल्यों को समझ सकें। साथ ही, उन्हें इको-फ्रेंडली दिवाली के महत्व को समझाते हुए पटाखों से दूर रहने और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संदेश दिया गया।

बच्चों ने स्लोगन लिखकर प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। विभिन्न संदेशों के माध्यम से बच्चों ने सभी को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने की प्रेरणा दी।

 

 

बाद में सभी ने मिलकर मिठाइयाँ बांटी और आपस में दिवाली की शुभकामनाएँ दीं। बच्चों को इस अवसर पर बड़ों का सम्मान करना, छोटों को प्रेम देना, एक-दूसरे की मदद करना, चीजों को साझा करना, और सामाजिक सहयोग जैसे नैतिक मूल्यों के बारे में भी बताया गया।

स्कूल की डायरेक्टर अंजली ने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि, “इस तरह के आयोजनों से बच्चे न केवल हमारी संस्कृति और सभ्यता को समझते हैं, बल्कि वे अपने नैतिक मूल्यों को भी विकसित करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से उनमें टीम वर्क, सहयोग और एक अच्छे इंसान बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सीख मिलती है।

इस आयोजन में बच्चों में तेजस्विनी, श्रेया, सूर्यांश, इशविका, गुरलीन, अद्विका, रियान, सामर्थ, प्रियांश, चित्रा, इशिका, सानवी, आशुतोष, ऐशनी, आयुष, तृषा, प्रिशा, प्रशांत, वेदिका, विश्रुत आदि शामिल थे। वहीं शिक्षकों में मोनिका, वैष्णवी, तेजस्वी, मनिता, प्रियंका, ईशा, अंजली, प्रीती, अंशिका, इशिता, श्रद्धा और रिंकल ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का समापन सभी को “इको-फ्रेंडली, सेफ, स्वीट और बचपन वाली दिवाली” मनाने के संदेश के साथ किया गया।

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