भारत ने नेपाल के शिक्षण संस्थानों को 81 बसें भेंट की

मनोज कुमार त्रिपाठी

काठमांडू! भारत ने नेपाल के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को 81 स्कूल बसें उपहार में दी हैं। इसके साथ ही पिछले तीन दशकों में भारत की ओर से नेपाल के शिक्षण संस्थानों को भेंट की गई स्कूल बसों की संख्या 381 हो गई है, जो देश भर में शैक्षिक पहुंच बढ़ाने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत सरकार ने ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत नेपाल के साथ संबंधों को मजबूती देने और दोनों देशों की साझेदारी को गहरा करने के उद्देश्य से यह पहल की है। भारत सरकार ने नेपाल के कुल 48 जिलों के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को स्कूल बसें उपहार में दी हैं।

 

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने 22 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा भारत सरकार ने नेपाल के सभी सात प्रांतों के 48 जिलों में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को 81 स्कूल बसें दान कीं, जिनमें कोशी प्रांत के बाढ़ प्रभावित ईलाम, झापा और उदयपुर जिले तथा हुमला, मुस्तांग, संखुवासभा, धारचूला, बैतड़ी व अच्छाम जैसे दूर-दराज के जिले शामिल हैं।

यह भारत और नेपाल के बीच दीर्घकालिक विकास साझेदारी और मैत्री को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पिछले तीन दशकों में, भारत द्वारा नेपाल के संस्थानों को 381 स्कूल बसें प्रदान की गई हैं।

 

बता दें कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारत द्वारा नेपाल को द्विपक्षीय सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है। भारत ने नेपाल में 2015 में आए भूकंप और 2020 में आई भयंकर बाढ़ सहित कई बड़ी आपदाओं के दौरान पड़ोसी देश की खुलकर मदद की है। इसके अलावा भारत नेपाल के दुर्गम एवं दूर-दराज के इलाकों में नए स्कूल खोलने और पहले से मौजूद स्कूलों के पुनर्निर्माण के कार्यों में भी निरंतर नेपाल की मदद करता रहा है।

 

नेपाल में हाल ही में हुई भारी बारिश, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ, को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अक्टूबर को अपनी संवेदना व्यक्त की थी और नेपाल की सहायता के लिए भारत की तत्परता की पुष्टि की थी।

 

 

 

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