नौतनवां तहसील में भ्रष्टाचार का बोलबाला?

भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेन्द्र जायसवाल बोले— “फाइलों पर महीनों धूल, अधिकारी माफिया के चंगुल में”

मनोज कुमार त्रिपाठी

नौतनवा! उत्तर प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का लक्ष्य लेकर काम कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत नौतनवां तहसील में इससे बिलकुल उलट दिखाई दे रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेन्द्र जायसवाल ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, लापरवाही और अव्यवस्था पर कठोर टिप्पणी करते हुए कहा कि “तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एसडीएम जनता को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। पीड़ितों को त्वरित न्याय नहीं मिल रहा है, जबकि यह सरकार की प्राथमिकता है।”

 

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उन्होंने बताया कि तहसील में वर्षों से जमा एक पेशकार फाइलों को दबाकर रखता है और मामूली आदेशों पर भी महीनों की देरी कर दी जाती है। जमीन से जुड़े मामलों में कागजों से छेड़छाड़ और माफिया की बढ़ती सक्रियता के कारण लोग लगातार धरने पर बैठने को मजबूर हो रहे हैं।

 

 

नायब तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए जितेन्द्र जायसवाल ने कहा कि “तीन साल से अधिक होने के बाद भी यहीं जमे हुए हैं। कई विवादों में नाम आ चुका है। आदेशों का पालन नहीं होता। जब कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, तो ट्रांसफर क्यों नहीं किया जा रहा?”

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में कई एसडीएम बदले जा चुके हैं, लेकिन नायब तहसीलदार और पेशकार अब भी उन्हीं कुर्सियों से हटने का नाम नहीं ले रहे। जायसवाल के मुताबिक, “यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि स्पष्ट मिली भगत का मामला है। ऐसे अधिकारी सरकार की मंशा के विपरीत जाकर जनता का नुकसान कर रहे हैं और सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

 

 

जितेन्द्र जायसवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि नौतनवा तहसील में बढ़ते भ्रष्टाचार और जमीन माफिया के गठजोड़ पर अब कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि जनता को न्याय मिल सके और प्रशासनिक तंत्र में भरोसा बहाल हो सके।

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