मनोज कुमार त्रिपाठी
भैरहवा नेपाल! रूपन्देही के भैरहवा में बुधवार से सातवां लुम्बिनी महोत्सव–2082 (उद्योग, व्यापार, कृषि एवं पर्यटन प्रवर्धन) शुरू हुआ। यह महोत्सव चेम्बर ऑफ कॉमर्स, रूपन्देही (उद्योग व्यापार संगठन, रूपन्देही) के आयोजन में सिद्धार्थनगर नगरपालिका–8 के अंचलपुर में आरंभ किया गया।

‘स्थानीय बजारमा खरिद गरौं, स्थानीय बजारको प्रवद्र्धन गरौं, स्वदेशी वस्तुको प्रयोग गरौं, स्वाभिमानी नेपालीको पहिचान बनाऔं’ अर्थात ‘स्थानीय बाजार से खरीदें, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें और स्वाभिमानी नेपाली की पहचान बनाएं’ नारे के साथ आयोजित यह महोत्सव मंसिर 21 तक चलेगा, ऐसा चेम्बर ऑफ कॉमर्स, रूपन्देही के अध्यक्ष एवं महोत्सव मूल आयोजक समिति के संयोजक सचिन रोक्का ने बताया।


अध्यक्ष रोक्का ने कहा कि यह महोत्सव उद्योग–व्यवसाय और उपभोक्ताओं को जोड़ने का पुल बनेगा। उनके अनुसार महोत्सव में लगभग 300 स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा, “महोत्सव संचालन के लिए अस्थायी संरचना निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, इसलिए भैरहवा में स्थायी मंडप का निर्माण आवश्यक है। महोत्सव को और परिष्कृत तथा आधुनिक रूप में आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।”
महोत्सव का उद्घाटन बुधवार को लुम्बिनी प्रदेश सरकार के युवा एवं खेलकूद मंत्री संतोष कुमार पांडे और सिद्धार्थनगर नगरपालिका के प्रमुख इश्तियाक अहमद खान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।


उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए मंत्री पांडे ने कहा कि सरकार द्वारा किए जाने वाले कई कार्य निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सबसे अधिक प्रभावित वर्ग उद्योगपति और व्यवसायी ही रहे हैं। उन्होंने कहा, “नेपाल को पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से ही आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाया जा सकता है। प्रकृति ने नेपाल को पर्यटन का देश बना दिया है, और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार पर्यटन ही है।” उन्होंने पर्यटकों को सहज रूप में नेपाल में प्रवेश दिलाने पर जोर दिया और कहा कि जगह–जगह अनावश्यक चेकिंग के नाम पर उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आग्रह किया कि स्थायी मंडप की मांग सिर्फ मेलों–महोत्सवों के समय नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय सरकार जमीन खोज दे, तो प्रदेश सरकार मंडप निर्माण के लिए बजट सुनिश्चित करेगी।

संविधान सभा सदस्य तथा सिद्धार्थनगर नगरपालिका के प्रमुख इश्तियाक अहमद खान ने कहा कि सिद्धार्थनगर, रोहिणी, ओमसतिया, मायादेवी और सियारी को मिलाकर उपमहानगरपालिका या महानगरपालिका बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आर्थिक मंदी के समय में भी चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा महोत्सव का आयोजन करने को साहसिक कदम बताते हुए कहा कि इससे अन्य उद्योग–व्यवसायियों को ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को सतर्क होकर जनता के हित में काम करना चाहिए।
लुम्बिनी प्रदेश सभा सदस्य हेमा बेल्बासे (के.सी.) ने स्थानीय बाजार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को स्थानीय बाजार से ही खरीदने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योग–व्यवसायियों की समस्याओं को समझते हुए निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने स्थायी मंडप निर्माण के लिए पहल करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
सिद्धार्थनगर नगरपालिका की उपप्रमुख उमा अधिकारी ने कहा कि निजी क्षेत्र कठिनाइयों के बावजूद साहस और हिम्मत के साथ महोत्सव का आयोजन कर रहा है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भादौं 23 और 24 को हुई घटनाओं के कारण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।
नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स, लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष टंक प्रसाद पोखरेल ने कहा कि हर आंदोलन का पहला शिकार निजी क्षेत्र होता है। उन्होंने कहा कि महोत्सव को सार्थक पहचान देनी चाहिए।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद शर्मा ने कहा कि आंदोलन के नाम पर निजी संस्थानों पर प्रहार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में भी निजी क्षेत्र महोत्सव आयोजित कर निराशा के बीच आशा पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
लुम्बिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल रायमाझी ने कहा कि मेले को और सुव्यवस्थित करने के लिए स्थायी मंडप आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मददगार होते हैं।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स, रूपन्देही के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम मिलन यादव ने कहा कि संस्था स्थापना के समय से ही उद्योग–व्यवसायियों के हितों के साथ–साथ अर्थतंत्र को गतिशील बनाने में सहयोग के उद्देश्य से महोत्सव आयोजित करता आ रहा है।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव लक्ष्मी अधिकारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन निवर्तमान अध्यक्ष दर्पण श्रेष्ठ ने किया। महोत्सव के उद्घाटन से पहले भैरहवा के देवकोटा चौक से औद्योगिक जन–जागरूकता रैली निकाली गई, जो बैंक रोड, मिलन चौक, नारायण पथ, बुद्ध चौक होते हुए अंचलपुर (महोत्सव स्थल) में जाकर समाप्त हुई। रैली में विभिन्न संघ–संस्थाओं और विद्यालयों की बड़ी भागीदारी रही।
सातवें लुम्बिनी महोत्सव पर लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आयोजकों ने बताया कि करीब 1 लाख 50 हजार लोगों के महोत्सव का अवलोकन करने की संभावना है। महोत्सव में लगभग 5 करोड़ रुपये का व्यापार होने की भी उम्मीद जताई गई है।
महोत्सव के संरक्षकों में सिद्धार्थनगर नगरपालिका कार्यालय, लुम्बिनी प्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स, मुख्य प्रायोजक के रूप में एस.आर. स्टील एंड एस.आर. फूड्स प्रा.लि., सनशाइन फूड प्रा.लि., रिया एंड रक्षा फूड प्रा.लि. शामिल हैं। सह–आयोजक के रूप में कृषि तथा भूमि व्यवस्था मंत्रालय और युवा तथा खेलकूद मंत्रालय, लुम्बिनी प्रदेश हैं।
इसके अलावा प्रवर्द्धकों में पर्यटन विकास परिषद, लुम्बिनी प्रदेश, सचिवालय प्रायोजक में मंगलम इंडस्ट्रीज, ग्रेट प्रायोजक में माउंट एवरेस्ट कत्था मिल्स, मुख्य आधिकारिक बैंक में नेपाल एसबीआई बैंक लि., आधिकारिक बैंक में प्रभु बैंक लि., इंश्योरेंस पार्टनर में यूनाइटेड अजोड इंश्योरेंस लि. तथा सहयोगी संस्थाओं में क्षेत्र के सभी संघ–संस्थाएं शामिल हैं।


