राम मंदिर के शिखर पर फहरी धर्म ध्वजा, पीएम मोदी बोले- गुलामी की मानसिकता ने रामत्व को नकारा

राम नगरी बनी ऐतिहासिक पलों की गवाह

मनोज कुमार त्रिपाठी

अयोध्या! अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण आ गया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहरा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पवित्र पल में हाथ जोड़कर भगवान श्रीराम को नमन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में संपन्न हुआ, जिससे रामनगरी उत्सवमय माहौल में डूब गई।

 

ध्वज लगभग 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है, जिस पर कोविदार वृक्ष, सूर्यवंश का प्रतीक और ‘ॐ’ अंकित है। इसे इलेक्ट्रिक सिस्टम से आरोहित किया गया। यह आयोजन मंदिर निर्माण की पूर्णता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जा रहा है।

अयोध्या की सड़कों पर धार्मिक नारों की गूंज है। सात सांस्कृतिक मंचों पर लोक कलाकारों ने नृत्य और गायन से माहौल को भव्य बनाया। हजारों श्रद्धालु और साधु-संत इस क्षण के साक्षी बने। सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजामों के बीच यह आयोजन शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ।

 

 

अयोध्या में धर्म ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम सब जानते हैं कि हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, उसकी भक्ति महत्वपूर्ण है. उन्हें वंश नहीं, मूल्य प्रिय है। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी उसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक और युवा हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है. उन्होंने कहा, ‘जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा और सबके प्रयास से ही 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब तक हमें विकसित भारत का निर्माण करना ही होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमें भगवान राम से सीखना चाहिए। हमें उनके चरित्र की गहराई को समझना चाहिए। हमें याद रखना चाहिए कि राम का अर्थ है मर्यादा, राम का अर्थ है जीवन और आचरण का सर्वोच्च आदर्श. राम सर्वोच्च सदाचार के जीवन का प्रतिनिधित्व करते हैं। राम एक ऐसे व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं जो धर्म के मार्ग पर चलते हैं!

अयोध्या में धर्म ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि राम मंदिर का ये दिव्य प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्य की भी चेतना स्थली बन रहा है। यहां सप्त मंदिर बने हैं। माता शबरी का मंदिर जनजातीय समाज के प्रेम भाव और आतिथ्य की प्रतिमूर्ति है। निषादराज का मंदिर उस मित्रता का साक्षी है, जो साधन नहीं, साध्य को और उसकी भावना को पुजती है। उन्होंने आगे कहा, ‘यहां माता अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य और संत तुलसीदास के मंदिर हैं। रामलला के साथ-साथ इन सभी ऋषियों के दर्शन भी यहीं पर होते हैं. यहां जटायु जी और गिलहरी की मूर्तियां भी हैं, जो बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती हैं।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ये धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा कि प्राण जाए, पर वचन न जाए अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए। ये धर्मध्वज संदेश देगा-कर्म प्रधान विश्व रचि राखा अर्थात विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो. ये धर्मध्वज कामना करेगा- बैर न बिग्रह आस न त्रासा, सुखमय ताहि सदा सब आसा यानी भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति एवं सुख हो।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ये ध्वज… संकल्प है, सफलता है! ये ध्वज… संघर्ष से सृजन की गाथा है, सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार स्वरूप है. ये ध्वज… संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है. आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्वलित रही. जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं.’ प्रधानमंत्री ने इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना और आस्था का ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास और धैर्य की विजय है।

मोहन भागवत ने कहा कि इस दिन के लिए कितने राम भक्तों ने अपने प्राण अर्पण किए। मंदिर बनने में भी समय लगता है। यह धर्म ध्वज है। इसका भगवा रंग है। इस धर्मध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। कोविदार वृक्ष दो देव वृक्षों के गुणों का समुच्चय है। धर्मध्वज को शिखर तक पहुंचाना है। आज हमारे संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है‌ सबको शांति बांटने वाला, सुफल देने वाला भारतवर्ष हमें खड़ा करना है।जैसा सपना देखा था कुछ लोगों ने, बिल्कुल वैसा, उससे भी अधिक शुभकर यह मंदिर बन गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। मैं इसके लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी कर्मयोगियों का अभिनंदन करता हूं। यह ध्वज इस बात का प्रमाण है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के सिद्धांत कालजयी हैं। 2014 में जब पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने, तो करोड़ों भारतीयों के हृदय में जो आस्था जगी थी, वह अब इस भव्य राम मंदिर के रूप में प्रकट हो रही है। यह भगवा ध्वज धर्म, निष्ठा, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक है।

रामनगरी अयोध्या में ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह नए युग की शुरुआत है। यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म का, भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है। संकल्प का कोई विकल्प नहीं। योगी आदित्यनाथ ने ‘लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ नारे का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान राम की पावन नगरी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। हर प्रकार की सुविधा आज अयोध्या धाम में है। उन्होंने अयोध्या में हुए विकास के काम भी गिनाए और जय जय श्रीराम के नारे के साथ अपनी बात पूरी की।

रामनगरी अयोध्या में ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज हम सब के लिए सार्थकता का दिवस है। जितने लोगों ने आज के दिन के लिए अपने प्राण न्योछावर किया आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी।

रामनगरी अयोध्या में ऐतिहासिक ध्वज आरोहण समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को विशेष भेंट दी। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर फहराए गए केसरिया धर्म ध्वज का मिनिएचर मॉडल और रामलला की प्रतिमा का प्रतीकात्मक स्वरूप सौंपा।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्भगृह में रामलला के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना किया उनके साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल श्रीमती आनन्दी देवी पटेल,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत नृत्यगोपाल दास और अन्य गणमान्य लोग मौजूद हैं।

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