यूपी के बलरामपुर में बस और ट्रक में भीषण टक्कर, बस बना आग का गोला, 3 की मौत,24 झुलसे

शीशा तोड़कर कूदे यात्री

कन्नौज बस हादशे के बाद भी नहीं चेता महराजगंज का जिला प्रशासन

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

यूपी के बलरामपुर में ट्रक की टक्कर के बाद बस में आग लग गई। 3 लोग जिंदा जल गए और 24 झुलस गए। इनमें 6 की हालत गंभीर है। बस (UP 22 AT 0245) नेपाल बॉर्डर के पास सोनौली से रवाना हुई थी और दिल्ली जा रही थी। 2 मृतकों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, एक महिला के शव की शिनाख्त हो गई है। वह नेपाल के गुल्मी की रहने वाली है।

 

 

बस में 45 यात्री सवार थे। अधिकांश नेपाल के थे। बस चालक और कंडक्टर का भी कुछ पता नहीं है। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस घिसटती हुई 100 मीटर दूर हाईटेंशन लाइन वाले बिजली के खंभे से टकरा गई। खंभा टूटकर बस पर गिर गया। बस में करंट दौड़ गया। शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।

देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई। यात्री अंदर ही फंस गए। जान बचाने के लिए शीशा तोड़कर बाहर कूदने लगे। मौके पर चीख पुकार मच गई। किसी तरह बाहर निकले यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आग बुझाने का काम शुरू किया। फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला।

 

 

घायलों को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। गंभीर घायलों को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ज्यादातर यात्री किसी तरह बस से बाहर आ गए। लेकिन, कुछ अंदर ही फंसे रहे। बाद में बस से 3 लाशें बरामद हुईं। इनमें 2 बुरी तरह से जल चुकी थीं।

उन्होंने बताया कि ट्रक (UP 21 DT 5237) में गर्म कपड़े लदे थे। इस वजह से ट्रक में भी आग लग गई। हादसा कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के फुलवरिया बाईपास पर सोमवार देर रात ढाई बजे के आसपास हुआ।

जानकारी के मुताबिक, सोनौली बार्डर से बलरामपुर होते हुए निजी बस दिल्ली जा रही थी। बस फुलवरिया चौराहे से गोंडा की ओर बढ़ रही थी। दूसरी तरफ से फुलवरिया ओवरब्रिज की ओर से एक तेज रफ्तार ट्रक आ रहा था।

बस चौराहा के बीच पहुंची ही थी कि ट्रक ने सीधे बस को बीचों-बीच टक्कर मार दी। बस घिसटते हुए सड़क किनारे लगे ट्रांसफॉर्मर लगे खंभे से टकरा गई। बिजली के तार टूटकर बस पर गिर गए। बस में करेंट फैल गया और देखते ही देखते ट्रक में आग लग गई।

 

टक्कर के बाद ट्रक भी पलट गया। ट्रक भी आग की चपेट में आ गया। पुलिस ने ट्रक को सीधा किया तो नीचे बुरी तरह झुलसा शव मिला। पुलिस का कहना है कि शव ट्रक में बैठे व्यक्ति का हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। राहत और बचाव कार्य में जुटी है।

कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया- 3 मृतकों में एक महिला की पहचान राधा (60) पत्नी लाल बहादुर के रूप में हुई। वह नेपाल के गुल्मी की रहने वाली थी।

 

राधा 70 फीसदी से ज्यादा झुलस गई थी। बाकी 2 शवों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। शवों को कपड़े में लपेटकर रखा गया है। चेहरा बुरी तरह जल गया है। इसके चलते पहचान कराने में समस्या आ रही।

बस हादसे में 3 मृतकों में 1 महिला की शिनाख्त हो गई है। महिला का नाम राधा (60) पत्नी लाल बहादुर था, वह नेपाल के गुल्मी की रहने वाली थी। 2 मृतकों के शवों के पहचान का प्रयास किया जा रहा है।

 

बलरामपुर हादसे में घायल नेपाली यात्रियों को इलाज के बाद दूसरी बस से भेजा जा रहा है। गंभीर रूप से घायल लोगों का अब भी इलाज जारी है।

बस (UP 22 AT 0245) दामोदर भंडारी, निवासी आदर्श कॉलोनी, सिविल लाइंस, रामपुर सिटी (रामपुर) के नाम रजिस्टर्ड है।

ट्रक (UP21 DT 5237) शाने अली नन्हे, निवासी ग्राम ईंधनपुर, हसनपुर, तहसील बिलारी, फरीदी (मुरादाबाद) के नाम रजिस्टर्ड है।

ट्रक के नीचे बुरी तरह झुलसा हुआ एक शव मिला। पुलिस का कहना है कि शव ट्रक में बैठे व्यक्ति का हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सरस्वती पांडेल पत्नी विनोद खारिल उम्र 24 निवासी बुटवल (नेपाल)

धन कुमार पत्नी शंकर महतो उम्र 60 वर्ष बुटवल (नेपाल)

अनिल पुत्र कृष्ण बहादुर उम्र 16 वर्ष बुटवल (नेपाल)

दिवाकर न्योपाने पुत्र महा शर्मा उम्र 42 बुटवल (नेपाल)

विष्णु माया पत्नी कृष्ण बहादुर उम्र 52 बुटवल (नेपाल)

विष्णु माया पत्नी कृष्ण बहादुर उम्र 52 नवलपुर (नेपाल)

घायलों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोगों ने बताया कि जहां हादसा हुआ, वहां अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं। इस जगह पर चौराहा बनाया जाना चाहिए।

डीएम और एसपी के आवास भी आसपास हैं, लेकिन फिर भी कोई ध्यान नहीं देता।

एसपी बलरामपुर विकास कुमार ने मीडिया को बताया कि बस और ट्रक में भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद बस में आग लग गई। संभवतः टैंक को नुकसान होने की वजह से आग लगी। कारणों की जांच की जा रही है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।

मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना 2 बजे के करीब हुई है। बस सोनौली बॉर्डर से आ रही थी। ट्रक फुलवरिया बाईपास के ओवर ब्रिज से आ रहा था। बहुत ही स्पीड में था। ट्रक ने बस में टक्कर मारी, टक्कर इतनी तेज थी कि बस थोड़ी दूर पर लगे ट्रांसफॉर्मर और खंभे से टकरा गई। इससे शॉर्ट सर्किट हुआ और एचटी लाइन टूटकर बस पर गिर गई। इससे बस में आग लग गई। बस में करीब 60-64 लोग सवार थे। सभी नेपाल से थे। सभी लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर आए लोगों के बारे में तत्काल पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी। एसपी और डीएम मौके पर पहुंच गए थे। सभी को एम्बुलेंस से अस्पताल भिजवाया।

घायल बस यात्री शिव कुमार ने हादसे के बाद इस वीडियो को बनाया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आग कितनी भयानक है। बस में चारों तरफ से आग लगी थी। किसी भी जगह से बच निकलने का कोई रास्ता नहीं था। फिर यात्री खिड़कियों को तोड़कर बाहर कूदे और अपनी जान बचाई। हाईटेंशन लाइन गिरने की वजह से कई लोगों को करंट भी लगा।

एक घायल यात्री ने बताया कि हम नेपाल से आ रहे थे। बलरामपुर पहुंचे तो यहां एक्सीडेंट हो गया। मैं बस से बाहर कैसे निकला। मुझे पता नहीं चला। मुझे बस में करंट लग गया था। मेरे साथ मेरी पत्नी भी है। वो भी घायल हो गई हैं। हम लोग 11 लोग थे। सभी गुरुग्राम जा रहे थे।

बस पूरी तरह से जलकर राख हो गई। पुलिस प्रशासन बस को सड़क से हटवा रही है। घटना स्थल पर यात्रियों के बैग कपड़े और सामान अभी भी जले हुए पड़े हैं।

घायल यात्री लोकेंद्र ने बताया कि वह नेपाल से गुरुग्राम जा रहा था। रास्ते में ही घटना हो गई। बस, ट्रक से टकराई फिर उसमें आग लग गई। मैं हादसे से थोड़ी देर पहले ही उठा था। आग लगते ही खिड़की से कूदकर बाहर निकल आया। कई लोग घायल हो गए। मैं पीछे सबसे आखिरी सीट पर बैठा था।

बता दें कि पिछले दिनों कन्नौज में सोनौली बार्डर से दिल्ली जा रही निजी बस में भीषण आग लगने से 16 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में यात्री घायल हुए थे। इस हृदय विदारक घटना पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों और घायलों के प्रति शोक संवेदना प्रकट किया था और प्रशासन को निर्देश दिया था कि विना परमिट चल रही बसों पर प्रतिबंध लगाया जाए। परंतु महराजगंज का जिला प्रशासन उनके निर्देशों पर कोई संज्ञान नहीं लिया और तभी सोनौली बार्डर से दिल्ली और अन्य कई बड़े शहरों के लिए बसों का संचालन जारी है। महराजगंज जिले का प्रशासन अगर उसी समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन किया होता तो बलरामपुर में यह हादशा नहीं होता। बलरामपुर हादशे के बाद भी पुलिस और प्रशासन की मिली भगत से आज भी सोनौली बार्डर से बसों का संचालन बदस्तूर जारी है।

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