रूपन्देही–3 में बदलाव की दस्तक: डॉ लेखजंग थापा के समर्थन में उमड़ा जनविश्वास

मनोज कुमार त्रिपाठी 

रूपन्देही।

“हमें ऐसे नए नेतृत्व की जरूरत है जो देश से प्यार करता हो और इसे अपने कार्यों से प्रदर्शित करता हो।” — यह भावना आज रूपन्देही निर्वाचन क्षेत्र संख्या–3 के मतदाताओं के बीच स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है।

 

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वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. लेखजुंग थापा ने अस्पताल की व्यस्त ओपीडी और स्टेथोस्कोप से निकलकर अब जनसेवा के नए मार्ग का चयन किया है। वे राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (एनआईएसपी) के प्रत्याशी के रूप में रूपन्देही–3 से प्रतिनिधि सभा चुनाव मैदान में हैं। 20 फरवरी से उन्होंने घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया और अब तक 36 में से 29 वार्डों का दौरा पूरा कर चुके हैं।

घर-घर पहुंच रहा ‘नया चेहरा’

डॉ. थापा का चुनाव प्रचार केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवाद पर आधारित है। विशेषकर गरीब और पिछड़े बस्तियों में पहुंचने पर उनका स्वागत उत्सव जैसा होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उन्होंने कई दलों को अवसर दिया, लेकिन भ्रष्टाचार और अव्यवस्था में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।

 

 

सियारी ग्रामीण नगरपालिका–2 के रामचंद्र कहार कहते हैं कि अब देश को ऐसे युवा और कर्मठ नेतृत्व की आवश्यकता है, जो केवल वादे नहीं बल्कि कार्य से बदलाव दिखाए।

इसी तरह सिद्धार्थनगर नगरपालिका–9 की सावित्री देवी केसी का मानना है कि शिक्षित और बुद्धिजीवी वर्ग का राजनीति में आना सकारात्मक संकेत है। सियारी–6 की लक्ष्मी भंडारी और सिद्धार्थनगर–9 की सीमा सुनार जैसी मतदाता भी ‘नए लोगों’ को मौका देने की पक्षधर हैं। उनका कहना है कि परिवर्तन का आकलन कार्य के आधार पर होगा, लेकिन शिक्षित नेतृत्व से उम्मीदें अवश्य बढ़ती हैं।

बुनियादी अधिकारों पर फोकस

डॉ. थापा का दावा है कि उन्हें लगभग 90 प्रतिशत मतदाताओं का स्नेह और समर्थन मिला है। उनका कहना है कि जनता की मांगें असंभव नहीं हैं — गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय स्तर पर रोजगार।

वे स्पष्ट कहते हैं कि ये सुविधाएं जनता के प्राकृतिक अधिकार हैं और पांच वर्ष का कार्यकाल इन्हें साकार करने के लिए पर्याप्त है। उनकी प्रस्तुत ‘कार्य योजना’ ने मतदाताओं में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार किया है।

चुनाव नहीं, व्यवस्था परिवर्तन का अवसर

रूपन्देही–3 में यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे व्यापक बदलाव और नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

डॉ. थापा की टीम शेष वार्डों में जनसंपर्क अभियान को तेज करने की तैयारी में है। मतदाताओं के बढ़ते जुड़ाव और परिवर्तन की इच्छा को देखते हुए, इस निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम इस बार विशेष रूप से चर्चित रहने की संभावना है।

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