मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू
नेपाल की राजनीति में एक नई पार्टी का प्रवेश हुआ है। पूर्व सांसद रेशम लाल चौधरी और पूर्व मंत्री अब्दुल खान के नेतृत्व में नागरिक उनमुक्ती पार्टी, नेपाल नामक राजनीतिक दल को नेपाली निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है। आयोग ने पार्टी को “चकिया” चुनाव चिन्ह प्रदान किया है।
यह पार्टी नेपाल के तराई-मधेश क्षेत्र की सामाजिक एकता और बहु-सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व को केंद्र में रखकर बनाई गई है। इसमें थारू, मधेशी, मुस्लिम और दलित समुदायों की भागीदारी को प्रमुखता दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह पार्टी आगामी दिनों में नेपाल की सत्ता-समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कबिर सोप, एक 25 वर्षीय युवा दलित नेता, को चुना गया है। कबिर सोप जेन्जी आन्दोलन (GenZ Movement) का प्रतिनिधित्व करते हैं — वही आन्दोलन जिसने हाल ही में ओली सरकार के पतन में अहम भूमिका निभाई थी। इस तरह नागरिक उनमुक्ती पार्टी, नेपाल देश की पहली ऐसी पार्टी बन गई है जिसकी कमान जेन्जी पीढ़ी के हाथों में है।
यह पार्टी नेपाल के इतिहास में पूर्व से पश्चिम तक तराई-मधेश क्षेत्र के एकीकरण की दिशा में भी एक अनूठी पहल मानी जा रही है। पार्टी का सिद्धांत “पहिचान, सम्मान सहितको भौगोलिक, सांस्कृतिक संघीयता र सामुदायिक समाजवाद” पर आधारित है।

पार्टी ने देश में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार नियंत्रण जैसी प्रमुख समस्याओं के समाधान को अपना प्राथमिक लक्ष्य घोषित किया है।
संरक्षक के रूप में रेशम लाल चौधरी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में पूर्व मंत्री अब्दुल खान कार्यरत रहेंगे। दोनों नेताओं का कहना है कि आने वाले निर्वाचन और सरकार में यह दल निर्णायक भूमिका निभाएगा।
पार्टी ने घोषणा की है कि वह थारू विद्रोह, मधेश विद्रोह और जेन्जी विद्रोह जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों को राजनीतिक मान्यता दिलाने की दिशा में भी संघर्ष करेगी।
📞 अब्दुल खान
वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नागरिक उनमुक्ती पार्टी, नेपाल
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