सार
नेपाल के बिगड़ते हालात को देखते हुए गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री समेत ओली सरकार के पांच मंत्री अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। दूसरी तरफ, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 21 सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया है।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज!भारत के पड़ोसी देश नेपाल में युवाओं का विरोध-प्रदर्शन और तीव्र हो गया है। सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ युवाओं का शुरु हुआ जेन-जेड प्रदर्शन दूसरे दिन यानी मंगलवार को और उग्र हो गया है। राजधानी काठमांडू और आसपास कर्फ्यू लगाने के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़कों पर तांडव मचा रहे हैं। इन बेकाबू हालात के बीच प्रदर्शनाकरी तोड़फोड़ करते हुए राष्ट्रपति रामचंद्र पौड़ेल के बोहोराटार स्थित निजी आवास तक जा पहुंचे। प्रदर्शनकारी वहां जबरन घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के इस घर को आग लगा दी। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर तैनात थे लेकिन गुस्साई भीड़ को काबू करने में विफल रहे।


नेपाली स्थानीय मीडिया ने कहा है कि देश के अन्य बड़े नेताओं के घरों पर भी प्रदर्शनकारियों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनरेशन Z के प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस पार्टी के सानेपा स्थित केंद्रीय कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया है। हालात को काबू में करने के लिए काठमांडू में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ये विरोध प्रदर्शन कथित भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों के खिलाफ हो रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के खुमालतार स्थित आवास पर भी पथराव किया है। इसके अलावा ललितपुर में प्रदर्शनकारियों ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घर में भी आग लगा दी है। सोमवार को पद से इस्तीफा देने वाले पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के घर पर भी हमला किया गया।
प्रदर्शनकारी पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के बूढ़ानीलकंठ स्थित आवास तक भी जा पहुंचे हैं लेकिन हमला करने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया। नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर बिस्वो पौड़ेल के भैसपति स्थित आवास पर भी पथराव किया गया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी के नेता रघुवीर महासेठ के घर पर भी हमला हुआ है।

इस बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली,गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री समेत ओली सरकार के पांच मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। दूसरी तरफ, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 21 सांसदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। इससे प्रदर्शनकारियों को राजनीतिक समर्थन मिल गया है।

बता दें कि सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में 20 युवा प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के बाद दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन और उग्र होकर शुरू हुआ है। अधिकारियों ने एक दिन पहले रैलियों को दबाने के लिए बल प्रयोग किया था, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया है। भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ सड़कों पर शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण काठमांडू घाटी और कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए विभिन्न इलाकों में कर्फ्यू लगा रखा है।