लगातार हो रही भारी बारिश के बीच फिर टूटा महाव नाला, फसलें जलमग्न

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

महराजगंज! महराजगंज जनपद में महाव नाला एक बार फिर टूट गया है और इस बार भी प्रशासन की पोल खुलकर सामने आ गई है। करोड़ों रुपए खर्च कर मरम्मत का ढिंढोरा पीटने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों की हकीकत अब ग्रामीणों के सामने साफ हो गई है। बरसात के मौसम में दूसरी बार नाले का टूटना प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार की गवाही दे रहा है।

 

बुधवार की दोपहर लगभग एक बजे बरगदवा गांव के सामने महाव नाले का पूर्वी तटबंध अचानक किसान बेचू निवासी चकरार के खेत में करीब 20 मीटर लंबाई तक टूट गया। इसके टूटने से आसपास के गांवों में पानी भर गया और किसानों की धान की खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन हर साल सिंचाई विभाग के जरिए मरम्मत का दावा करता है, लेकिन हकीकत यह है कि काम सिर्फ कागजों पर ही पूरा होता है। घटिया निर्माण और खानापूर्ति की वजह से पहले ही बरसात में नाला जवाब दे देता है।

किसानों का आरोप है कि धान और खरीफ की पूरी फसल चौपट हो गई है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। लोगों का कहना है कि हर साल करोड़ों की धनराशि मरम्मत के नाम पर हजम कर ली जाती है और जब नाला टूटता है तो उसकी मार सीधे जनता पर पड़ती है।

 

महाव नाले का बार-बार टूटना सिर्फ किसानों की फसलों की बर्बादी नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की नाकामी और भ्रष्ट व्यवस्था की खुली तस्वीर है। सवाल यह है कि आखिर कब तक जनता प्रशासन की इस लापरवाही की कीमत चुकाती रहेगी?

 

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