उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ!ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार को सीमा से सटे जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पंजाब के कई इलाकों पर ड्रोन अटैक किया, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है। इस बीच देश में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में भी सीमावर्ती इलाकों में खास एहतियात बरती जा रही है। यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने नेपाल सीमा से सटे सभी जिलों में चौकसी बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही प्रदेश की सभी सरहदों पर सघन चैकिंग की जा रही है। ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके। इसके साथ ही प्रदेश की सभी सरहदों पर सघन चैकिंग की जा रही है। ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके।
यूपी पुलिस केंद्रीय सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करके सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने में जुटी है। पाकिस्तान के तनाव के बीच आतंकी संगठनों के मूवमेंट को भी देखा जा रहा है। जिसे देखते हुए राज्य की सीमाओं पर मुस्तैदी बरती जा रही है। इनमें नेपाल समेत यूपी सीमा से सभी राज्यों के सीमावर्ती इलाके भी शामिल हैं।

नेपाल सीमा पर सुरक्षा बल मुस्तैद
उत्तर प्रदेश के सात जिलों महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच और पीलीभीत की सीमा नेपाल देश के साथ जुड़ी हुई है। नेपाल के साथ इन जिलों से करीब 570 किमी का बॉर्डर है। इनमें से लखीमपुर खीरी के साथ प्रदेश की सबसे ज्यादा लंबी 120 किमी की सीमा है। इन जिलों में 30 पुलिस थाने बॉर्डर पर स्थिति हैं और नेपाल से दस किमी की अंदर तक क़रीब 980 गांव बसे हुए हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
नेपाल के साथ अच्छे संबंधों की वजह से इस सीमा से भारत में एंट्री करना काफी आसान हो जाता है। ऐसे में डीजीपी ने इस बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीमों ने भी चेकिंग बढ़ा दी है। हर आने-जाने पर पैनी नजर रखी जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल द्वारा सघन चेकिंग के बाद ही लोगों को आने-जाने दिया जा रहा है। नेपाल सीमा पर 110 चेक पोस्ट हैं जहां से कडी निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही यहां की ग्राम सुरक्षा समितियों को भी एक्टिव किया गया है।

उत्तर प्रदेश ने सिर्फ नेपाल सीमा ही नहीं प्रदेश के अन्य नौ राज्यों राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जुड़ने वाली सीमा पर भी चौकसी बढ़ाई है। इन इलाकों में सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा सही है। वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार इसकी मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई है।