लखनऊ 35 वीं बटालियन में बने स्वीमिंग पूल में डूबकर संदिग्ध हालात में इंस्पेक्टर की मौत

चिनहट कोतवाली से हटने के बाद क्राइम ब्रांच में अश्वनी चतुर्वेदी थे तैनात

शुक्रवार सुबह साढ़े छह बजे स्वीमिंगपूल के गेट पर हुई थी इंट्री

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

लखनऊ! महानगर क्षेत्र स्थित 35 वीं बटालियन में बने स्वीमिंगपूल में लखनऊ क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी की नहाते समय डूबकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम की मदद से उन्हें बाहर निकलवाया लेकिन इससे पहले उनकी सांसें थम चुकी थी। पुलिस उपायुक्त मध्य ने मीडिया को बताया कि इसकी सूचना घर वालों को दे दी गई है। उनका कहना है कि परिजनों के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी कुछ माह इंस्पेक्टर चिनहट में तैनात रहे। किसी कमी के चलते उनका तबादला लखनऊ क्राइम ब्रांच में हो गया था। वह कसरत करने के साथ-साथ स्वीमिंगपूल में नहाने भी जाया करते थे। रोज की तरह इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे महानगर क्षेत्र स्थित 35 वीं बटालियन में बने स्वीमिंगपूल में नहाने गए थे। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटे तो घरवालों को चिंता हुई और उनकी तलाश शुरू की। सफलता न मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दी।

 

स्वीमिंगपूल में नहाने की बात सुनते ही पुलिस को संदेह हुआ और तुरंत एसडीआरएफ टीम को बुलाकर तलाश शुरू की। खास बात यह है कि कुछ घंटों तक उनका शव स्वीमिंगपूल में उतरा रहा था और वहां पर मौजूद लोगों भनक तक नहीं लगी। एसडीआरएफ टीम ने जैसे इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी का शव स्वीमिंगपूल से बाहर निकाला तो मानो वहां कोहराम मच गया। इस मामले में पुलिस उपायुक्त मध्य ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने पर साफ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है।

पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मामले की पड़ताल कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। वहीं उनकी मौत को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हवा में तैर रही हैं। पुलिस उपायुक्त मध्य का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है।

 

इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी की इंट्री साढ़े छह बजे 35 वीं बटालियन में बने स्वीमिंगपूल के गेट पर हुई। उनका शव दोपहर करीब 12 बजे स्वीमिंगपूल में उतराता हुआ मिला। करीब छह घंटे तक उनका शव स्वीमिंगपूल में पड़ा हुआ था और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह सवाल फिलहाल हर किसी को भी बेचैन कर सकता है। इस मामले में पुलिस अफसरों का जवाब बस इतना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत कैसे हुई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!